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राज्यवार रिपोर्टें
उत्तराखण्ड : गंगा-यमुना से महाकाली नदी पर बने बांधों पर चर्चा, लंबित समस्याओं से सरकारों ने मूंदी आंखें
उत्तराखण्ड में 2013 के भूस्खलन से प्रभावित 350 गाँवो को राज्य सरकार अभी तक नहीं बसा पाई है. फिर लाखो लोगो को उजाड़ने के लिए सरकार क्यों इतनी जल्दी कर रही है. राज्य सरकार को इस हरित राज्य में गंगा, यमुना से महाकाली नदियों तक बांधो की पागल दौड़ से पहले इन सवालो का जवाब देना होगा. पढ़िए विमलभाई एवं पूरन सिंह राणा की उत्तराखण्ड…
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पेसा : आदिवासी क्षेत्रों में परंपरागत स्वशासन को क़ानूनी मान्यता देने वाला कानून
-घनश्याम
पेसा कानून संविधान संधोशन से बना एक ऐसा कानून है जिसे लोकसभा और राज्य सभा ने भारी बहुमत से पारित…
कलेक्टर को ग्रामसभा के खिलाफ जाने का अधिकार नहीं : जबलपुर हाईकोर्ट
जबलपुर । मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने कलेक्टर कटनी के उस आदेश पर रोक लगा दी, जो ग्रामसभा के आदेश के विपरीत था। 11 जून…
झारखण्ड : पाँचवी अनुसूची लागू करवाने के लिए युवाओं ने निकाली रैली
-शशि पन्ना
रांची (झारखण्ड) 25 फ़रवरी 2018 सरकार और प्रशासन के आदिवासी विरोधी नीतियों और कार्यो से नाराज होकर आदिवासी युवा अब पाँचवी अनुसूचि की मांग कर रहे हैं!भारतीय संविधान में 5वी अनुसूचि के अंतर्गत आदिवासियों को विशेष अधिकार प्राप्त हैं!इसी के अंतर्गत झारखंड के विभिन्न जिलों में विशेष रूप से खुंटी में आदिवासीगण पत्थरगढ़ी कर रहें हैं!…
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हिंदी के वरिष्ठ पत्रकार तथा जनादोलनों के समर्थक नीलाभ मिश्रा नहीं रहे हमारे बीच
24 फरवरी 2018 की सुबह 7:30 बजे…
किसानों को जेल के अलावा कुछ नहीं दे पाई राजस्थान सरकार : किसान संघर्ष समिति ने की किसानों की रिहाई की मांग
किसान संघर्ष समिति के कार्यकारी अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक…
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झारखण्ड : दामोदर तुरी की अवैध गिरफ़्तारी-कॉर्पोरेट लुट के लिए आदिवासियों पर दमन का…
हम झारखंड पुलिस द्वारा 15 फरवरी 2018 विस्थापन विरोधी जन विकास आन्दोलन के केन्द्रीय संचालन समिति सदस्य दामोदर…
चुटका परमाणु पॉवर प्लांट परियोजना पर पुनर्विचार के लिए दिग्विजय सिंह ने लिखा…
मध्य प्रदेश, मंडला- 20 फ़रवरी 2018 नर्मदा यात्रा के दौरान दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री तथा प्रदेश के मुख्य मंत्री…
छत्तीसगढ़ के आदिवासियों ने सम्मेलन कर सरकार को चेताया : बहुत हुआ विनम्र निवेदन अब सिर्फ दनादन
रायपुर 19 फ़रवरी 2018 - जल, जंगल, जमीन की लड़ाई, संवैधानिक अधिकारों के हनन, अनुसूचित क्षेत्रो में बढ़ते संवैधानिक प्रावधानों की अवहेलना सरकारी आतंक , पांचवी अनुसूची,पेसा कानून और 21 सूत्रीय मांगों को लेकर भारी जनसँख्या के बीच राजधानी में हुए आदिवासी सम्मेलन को सरकार पोषित मीडिया ने राजनीतिक स्वार्थ का सम्मेलन करार दे दिया?
मुख्यधारा की टीवी…
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