संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad

छत्तीसगढ़ के वन कर्मियों का कारनामा : 46 बैगा आदिवासी परिवारों को किया बेघर

कवर्धा (छत्तीसगढ़)- मुख्यमंत्री के गृहजिला कवर्धा में वन अमले, राजस्व, पुलिस ने बैगा आदिवासियों के आशियाने को उझाड दिया, समान घरो के बाहर फेंक दिए गए, बैगा आदिवासी महिला,बच्चो, बुढो को पिकप में भरकर अन्यंत्र जगह छोड़ दिया गया यहाँ तक उनके साथ जानवरों जैसा मारपीट भी किया गया. आप को बता दे कि विकासखण्ड पण्डरिया अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत माठपुर…
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सरगुजा में जल-जंगल-जमीन की लूट के खिलाफ महाजुटान

छत्तीसगढ़ (सूरजपुर)- छत्तीसगढ़ राज्य के जिला सूरजपुर के ग्राम जगन्नाथपुर में 1 जुलाई 2018 को रूढ़ी जन्य विशाल…

रमन सरकार खामोश है : चना सत्याग्रह के तहत किसान कर रहे मुख्यमंत्री मुंह खोलो…

छत्तीसगढ़, राजनांदगांव 3 जुलाई 2018। छत्तीसगढ़ प्रदेश में सीएम रमन सिंह के निर्वाचन जिला राजनांदगांव मुख्यमंत्री मुंह…

भिलाई गोलीकांड के शहीदों को श्रद्धांजलि : 1992 का पुलिस दमन नहीं भूलेंगे मजदूर

छत्तीसगढ़ भिलाई 1 जुलाई 2018।  पावर हाउस स्टेशन में गोलीकांड में मारे गए छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के श्रमिकों को आज श्रद्धांजलि दी गई। श्रद्धांजलि देने श्रमिकों के परिजन के अलावा मुक्त मोर्चा के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और विभिन्न मजदूर संगठनों के लोग बड़ी संख्या में पहुंचे थे। सभी ने दोपहर को पावर हाउस रेलवे स्टेशन पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इनमें…
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छत्तीसगढ़ : नौकरी के वायदे के नौ साल बाद मिली तो पुलिस की लाठी -गोली

-तामेश्वर सिन्हा छत्तीसगढ़। बस्तर(कांकेर )- रावघाट रेल परियोजना के तहत रेलवे प्रभावित किसान वादा के मुताबिक नौकरी…

छत्तीसगढ़ के आदिवासियों ने सम्मेलन कर सरकार को चेताया : बहुत हुआ विनम्र निवेदन अब…

रायपुर 19 फ़रवरी 2018 - जल, जंगल, जमीन की लड़ाई, संवैधानिक अधिकारों के हनन, अनुसूचित क्षेत्रो में बढ़ते संवैधानिक…

सुपेबेड़ा गाँव के आदिवासी गंदा पानी पीने को मजबूर 58 की मौत : छत्तीसगढ़ सरकार, मुख्य सचिव, सचिव पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय को राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने दिया नोटिस

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के सुपेबेड़ा गाँव से एक किमी की दूरी पर हीरा खदान है। सरकार ने 2005 से पूरे इलाके को संरक्षण में ले रेखा। पिछले साल 58 आदिवासियों की मौत गंदा पानी पीने को हो चुकी है, आज सुपेबेड़ा में करीब 235 लोग किडनी, लीवर की बीमारी से ग्रसित हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उनका गांव हीरा खदान क्षेत्र में होने की वजह से सरकार उन्हें यहां से…
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बस्तर बुमकाल विद्रोह : आज भी जिंदा है गुण्डाधुर का संघर्ष आदिवासी परंपरा में

छत्तीसगढ़, बस्तर 10 फ़रवरी 2018। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम 1910 की महान बस्तर बुमकाल विद्रोह के अमर नायक…

11 दिन बाद राजकुमार जेल से रिहा : वेदांता सोना खान से बारनवापारा अभ्यारण खतरे में,…

छत्तीसगढ़, बलौदाबाजार, 4 फ़रवरी 2018। 11 दिन से जेल में बन्द बारनवापारा अभयारण्य क्षेत्र के ग्राम रामपुर निवासी…

छत्तीसगढ़ : जल-जंगल-जमीन और पर्यावरण की रक्षा के लिए साझे संघर्ष का आह्वान

रायपुर आदिवासी भारत महासभा (ए.बी.एम) का अखिल भारतीय सम्मेलन छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के वीर नारायणसिंह हॉल, बिरसामुण्डा नगर (गोंडवाना भवन टिकरापारा) में 02 फरवरी 2018 से लेकर 03 फरवरी को सम्पन्न हुआ। 02फरवरी को रैली एवं आमसभा के बाद “शाम से ही सम्मेलन की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। दूसरे दिन 03 फरवरी को सुबह 09 बजे संगठन का झण्डारोहण एवं जन…
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