संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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आदिवासी

मोदी सरकार की उपेक्षा के कारण 20 लाख आदिवासी परिवारों के सामने पैदा हुआ अस्तित्व का संकट

केन्द्र की उदासीनता से आदिवासियों के अस्तित्व पर खतरा-रनसिंह परमार केन्द्र की उपेक्षा के कारण आदिवासियों के आवासीय और आजीविका के अधिकार पर प्रश्न ग्वालियर। केन्द्र सरकार की उपेक्षा के कारण 20 लाख आदिवासी परिवारों के समक्ष आवास और आजीविका का खतरा पैदा हो गया है। उक्त बात एकता परिषद के अध्यक्ष रन सिंह परमार ने ग्वालियर में आयोजित भूमि अधिकार की…
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सुप्रीम कोर्ट का फरमान : इक्‍कीस राज्‍यों के दस लाख आदिवासी खाली करें ज़मीन

सुप्रीम कोर्ट ने बीती 13 फरवरी को एक बेहद अहम फैसला सुनाते हुए 21 राज्‍यों को आदेश दिए हैं कि वे अनुसूचित जनजातियों…

झारखण्ड : जेलों में दम तोड़ती प्राकृतिक संसाधनों से वंचित जिंदगियां

-स्टेन स्वामी अधिकार समूह एमनेस्टी इंटरनेशनल (Amnesty International) ने जुलाई 2017 की रिपोर्ट में कहा था कि उनके…

जयपुर की महापंचायत से हुआ एलान : दलित, अल्पसंख्यक, आदिवासी विरोधी भाजपा को हराना जरूरी

दलित, आदिवासी, अल्पसंखयक दमन प्रतिरोध आन्दोलन २२ जुलाई जयपुर में हुई सफल महापंचायत नेतृत्व रहा श्री प्रकाश आंबेडकर, श्री जिग्नेश मेवानी, सुश्री सुभाषिनी अली, डॉ सुनीलम, श्री राजाराम सिंह व श्री राजेंद्र गौतम संविधान, लोक तंत्र व सामाजिक न्याय के पक्ष में महा पंचायत से एलान हुआ की दलित, आदिवासी व अल्पसंख्यक विरोधी भा.ज.पा को केंद्र व राज्य में…
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झारखण्ड सरकार द्वारा घोषित स्थानीयता निति के विरोध में संताल आदिवासियों की…

-सच्चिदानंद सोरेन 1 मई 2016, झारखण्ड के दुमका(स.प.)राजबांध पंचायत के राजबांध गांव में ग्रामीणों ने झारखण्ड…

राजस्थान : 21 गांवों के आदिवासियों की आजीविका व अस्तित्व का संघर्ष !

डूंगरपुर (राजस्थान) के हजारों आदिवासियों ने अपने शारीरिक श्रम व पूंजी लगाकर हजारों हेक्टेयर बंजर जमीन को खेती…