संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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बांध

नदियों को नाथने के नतीजे

नदियां सिर्फ नदियां नहीं हैं, ये हमारा सांस्‍कृतिक जीवन भी हैं। नदियों का निर्मल जल दोनों किनारों और दियारे की हरी-भरी उर्वर भूमि, फैली रेत, असंख्‍य जीव-जन्‍तु, तरह-तरह के पेड़-पौधे और वनस्‍पतियां और करोड़ों-करोड़ लोग, हंसते, गाते और कभी दुख में आंसू बहाते, सब मिलकर बनता है नदियों का संसार। मनुष्‍य ने इन नदियों से बहुत कुछ पाया है। ये हमारी पालनहार…
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गुजरात : तापी पार नर्मदा लिंक परियोजना के विरोध में आदिवासियों का प्रदर्शन

अगर ये तीन बड़े बांध बन गए तो 35 से ज्यादा गांवों के 1700 से ज्यादा परिवारों की जमीनें और घर जलमग्न हो जाएंगे.50…

मध्य प्रदेश : बार-बार विस्थापन से मानसिक, भावनात्मक व शारीरिक रूप से टूट रहे आदिवासी

"जल, जंगल, जमीन ही हमारी सम्पत्ति है। सरकार हमें विस्थापित कर हमारी संस्कृति को ही खत्म कर देना चाहती है। यह तो आदिवासियों के साथ अन्याय है।"
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मेघालय : उमंगोट नदी पर प्रस्तावित बांध के विरोध में ग्रामीण एकजूट; पिछले दो माह…

मेघालय ऊर्जा निगम लिमिटेड (MeECL) की ओर से उमंगोट नदी पर बांध बनाने के लिए 210 मेगावाट बिजली उत्पन्न करने के लिए…

मध्य प्रदेश : बसनिया बांध के विरोध में ग्रामीण एकजूट; 18 अप्रेल को जनसभा का ऐलान

11 अप्रेल 2021 को पटेल सुख लाल आर्मो ग्राम ओढारी, विकास खंड मोहगांव, जिला मंडला के अध्यक्षता में बैठक आयोजित

उत्तराखण्ड : संगीनों के साए में जखोल साकरी बांध परियोजना की जनसुनवाई

उत्तरकाशी 28 नवम्बर 2018। उत्तराखंड के छोटे से मोरी ब्लॉक में आज बैरिकेडिंग थी और बड़ी मात्रा में पुलिस थी। नजारा…

जलविद्युत परियोजनाओं से जैवविविधता का विनाश

विश्व के तीन महाद्वीपों दक्षिण अमेरिका, अफ्रीका और एशिया की तीन विशाल उष्णकटिबंधीय नदियों क्रमशः अमेजान, कांगो…