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किसान आंदोलन
पंजाब विधानसभा में NPFAM के खिलाफ पारित प्रस्ताव का SKM ने किया स्वागत
संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने पंजाब विधानसभा द्वारा राष्ट्रीय कृषि विपणन नीति रुपरेखा (एनपीएफएएम) को खारिज करने के प्रस्ताव को पारित करने के ऐतिहासिक फैसले का स्वागत किया और इसे कॉर्पोरेट नीतियों के खिलाफ लोगों को एकजुट करने की एक उपलब्धि बताया।
आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार द्वारा उठाया गया और विपक्षी दलों द्वारा सर्वसम्मति से…
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किसान-मजदूरों की मांगों को लेकर AIKKMS ने किया 25 फरवरी को विरोध प्रदर्शन का ऐलान
ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन 25 फरवरी को चण्डीगढ़ में धरना - प्रदर्शन करेगा। उसी दिन अन्य प्रदेशों की राजधानियों…
कृषि बजट का विश्लेषण 2018 – 2025: खेती और किसानों की दुर्दशा क्यों!
अगर आप समझना चाहते है कि खेती और किसानों की दुर्दशा क्यों हो रही है और सरकार देश की जनता को कैसे गुमराह करती है। तो…
यह किसान और जनता विरोधी बजट है!
प्रधानमंत्री जी ने बजट 2025-26 की घोषणा करते हुए इसे ‘गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी का बजट’ बताया था, लेकिन 2025-26 के 50.65 लाख करोड रुपयों के बजट में इन वर्गों के लिए संबंधित मंत्रालयों के बजट में कोई अतिरिक्त प्रावधान नहीं दिखाई देता। ये पिछले साल के बजट से तीन लाख करोड रुपये यानी 6.27 प्रतिशत ज्यादा है। बजट 2025-26 में कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य,…
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किसान मजदूर आयोग ने जारी किया किसान एजेंडा 2024
दिल्ली, 19 मार्च 2024 को किसान मजदूर कमिशन ने दिल्ली के प्रेस क्लब में किसानों के संकट पर प्रेस वार्ता का आयोजन…
लखीमपुर खीरी हत्याकांड का एक साल : आज भी पीड़ितों को इंसाफ़ का इंतज़ार
एसकेएम ने मृतक 4 किसान और एक पत्रकार की याद में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया है। इसी तरह देशभर में किसान जगह-जगह…
राकेश टिकैत पर हमला : किसान संगठन अपने नेताओं की सुरक्षा का इंतजाम स्वयं करें
राकेश टिकैत पर स्याई फेंके जाने की घटना की न्यायिक जांच कराए कर्नाटक सरकार
सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग
-डॉ सुनीलम
30 मई 2022; किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष पूर्व विधायक डॉ सुनीलम ने भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत पर स्याही फेंके जाने की घटना पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह निंदनीय गम्भीर घटना है, स्याही की जगह एसिड या बम भी हो सकता…
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मध्य प्रदेश : मुलताई पुलिस गोलीकांड के 24 वर्ष बाद भी जारी है किसान आंदोलन
12 जनवरी, 1998 का दिन किसानों की स्मृति में अमिट छाप छोड़ गया क्योंकि इस दिन मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने…
संघर्ष का टेम्पलेट जो किसान आंदोलन ने दिया है
संयुक्त किसान मोर्चा ने 378 दिन के बाद अपने आंदोलन को स्थगित करते हुए कहा कि ‘लड़ाई जीत ली गई है, लेकिन किसानों के…
किसान आंदोलन के पूरे 13 महीने का ब्योरा : कब, कहाँ, क्या हुआ
‘378’... ये महज़ एक संख्या नहीं बल्कि वो दिन और राते हैं, जो हमारे देश के अन्नदाताओं ने दिल्ली की सड़कों पर गुज़ारी हैं... चिलचिलाती धूप, मूसलाधार बारिश और भीषण ठंड को किसानों ने सिर्फ़ इसलिए झेला ताकि आने वाली पीढ़ियां कभी इस गर्त में ना फँसें। न्यूज़ क्लिक से साभार रवि शंकर दुबे की रिपोर्ट;
पंजाब, हरियाणा समेत पूरे देश का किसान दिल्ली में गाजीपुर…
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