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छत्तीसगढ़
मज़दूरों की सुरक्षा की आपराधिक अनदेखी
प्रगतिशील सीमेंट श्रमिक संघ के अध्यक्ष भगवती साहू उद्योग प्रभावित किसान संघ में भी सक्रिय हैं। अभी वह साढ़े तेरह महीने की जेल काट कर ज़मानत पर रिहा हुए हैं। बलौदा बाज़ार स्थित अंबुजा सीमेंट के प्रबंधन के इशारे पर उन्हें और उनके आठ साथियों पर फ़र्ज़ी मामले थोपे गये थे। यह सभी सीमेंट श्रमिकों के जुझारू नेता हैं। बाक़ी आठों साथी फ़िलहाल भूमिगत हैं। पिछले…
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सुनिये क़रीब आती बदलाव की आहट…
श्रमिक के चुनिंदा शेरउम्र की तीन चौथाई सदी पार कर चुके शायर कमल किशोर ‘श्रमिक’ कानपुर में ही पैदा हुए, यहीं पले-बढ़े…
उद्योगपतियों की चाकरी में सरकार
राज्योत्सव के तहत आयोजित हुए निवेशकों के दो दिन के मिलन समारोह का कल समापन हो गया। इसी के साथ तय हो गया कि छत्तीसगढ़…
जितना ऊंचा विकास का पहाड़, उतनी गहरी बदहाली की खाई
इस व्योपारी को प्यास बहुत हैगिर्दा उत्तरांचल में हुए तमाम जन आंदोलनों की सांस्कृतिक आवाज़ थे- चाहे वह नशा नहीं रोजगार दो आंदोलन रहा हो या फिर अलग उत्तराखंड राज्य का आंदोलन। वे एक साथ बहुत कुछ थे- नाटककार, संगीतकार, गायक, लोक परंपराओं के विशेषज्ञ, जन कवि... और सबसे पहले एक बेहतर इंसान। कोई दो साल पहले उन्होंने दुनिया को अलविदा कहा और अपने पीछे पूरे…
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लूट के महायज्ञ में प्राकृतिक संसाधनों और आदिवासियों की बलि
हरियाली के आखेटक इलाहाबाद की ग़रीब बस्तियों के वाशिंदों के बीच अंशु मालवीय उनके संघर्षों के जुझारू साथी के तौर पर…
विकास का नहीं, विनाश का राज्योत्सव
शहीद शंकर गुहा नियोगी संघर्ष और निर्माण के महान रचनाकार थे। उन्होंने ‘नवा भारत बर नवा छत्तीसगढ़’ का सूत्र वाक्य गढ़ते…
कैसा राज्योत्सव, किसका राज्योत्सव
चलव-चलव गा भाई कलादास डेहरिया कोई बीस सालों से जन संघर्षों के मोर्चे पर सांस्कृतिक सिपाही की हैसियत से तैनात हैं। इसकी प्रेरणा उन्हें शहीद नियोगी के संपर्क में आने से मिली। पेश है अन्याय, असमानता और उत्पीड़न की स्थितियों को रेखांकित करते हुए नये भारत के लिए नया छत्तीसगढ़ बनाने के लिए संघर्ष का आह्वान करता उनका यह लोकप्रिय गीत; चलव-चलव गा भाई,…
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12 साल छत्तीसगढ़ के
12 साल छत्तीसगढ़ के
क्या खोया, क्या पाया...
राज्योत्सव के मौक़े पर संघर्ष संवाद का आठ दिवसीय अभियान
गुज़री 1…
भाड़ में जायें किसान और किसानी
छत्तीसगढ़ का निर्माण-गीत 2 अक्तूबर 1988 को छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा ने रायपुर में विशाल रैली का आयोजन किया था। रैली…
प्रस्तावित खाद्य सुरक्षा क़ानून धोखा है
प्रस्तावित राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक को लेकर जन चेतना ने लोक सहभागी मंच एवं भोजन अधिकार अभियान के साथ मिल कर 10 से 15 अक्टूबर तक रायगढ़ के पांच विकास खंडों में रायशुमारी का कार्यक्रम चलाया। कार्यक्रम के पांच पड़ावों में 140 गांवों के लोगों की हिस्सेदारी रही। पेश है सविता रथ की रिपोर्ट;
रायगढ़ के पांच ब्लाकों में हुए पांच दिवसीय अभियान ने…
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