संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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राज्यवार रिपोर्टें

मोदी सरकार की स्वामित्व योजना आदिवासियों के सामुदायिक अधिकारों को खत्म करने की साजिश : दयामनी बारला

झारखण्ड के खूंटी जिले में केंद्र की स्वामित्व योजना के तहत बनने वाले  व्यक्तिगत संपति कार्ड के विरोध में  आदिवासी मूलवासी अस्तित्व रक्षा मंच के सयुक्त बैनर पर 8 मार्च 2022 को खूंटी के जादुरा मैदान में  जन सभा का आयोजन किया गया। सभा में वक्ताओं ने मांग कि सरकार आदिवासी मूलवासी किसानों के परंपरागत अधिकार सीएनटी/एसपीटी एक्ट, मुंडारी खूंटकटी अधिकार,…
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छत्तीसगढ़ : अडानी से जंगल और ज़मीन बचाने के लिए आदिवासियों ने शुरू किया…

  पिछले 7 दिनों से परसा कोल ब्लॉक के विरोध में हरिहरपुर, फतेहपुर साल्ही आदि गांव के आदिवासी धरने पर बैठे है। परसा…

मध्य प्रदेश सरकार का ग्राम सभाओं को कमजोर करना आदिवासियों के संवैधानिक मूल्यों का हनन है

केन्द्रीय पेसा कानून, न्यायालयों के आदेश और संवैधानिक प्रावधानों के बावजूद मध्य प्रदेश सरकार ने अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं के अधिकारों को कमजोर करने के उद्देश्य से पेसा कानून के तहत वन भूमि, न्याय संबंधित कानूनों में संशोधन न करके ग्रामसभाओं को कमजोर ही किया है। ब्रिटिश सरकार के शिकंजे से जो आदिवासी समाज मुक्त रहा उसे आजादी के बाद…
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मध्य प्रदेश : बगैर पर्यावरण स्वीकृति के बना दिया आंवलिया बांध, डूबा दीं सैकड़ों…

पर्यावरण मंत्रालय द्वारा आंवलिया परियोजना की अर्जी का प्रकरण बंद बांध का काम रुका बिना पर्यावरणीय मंजूरी के किया…

मध्य प्रदेश : आदिवासी मजदूरों के साथ हो रही बेगारी, हिंसा एवं यौन शोषण के विरोध…

मध्य प्रदेश के  बड़वानी जिले में जागृत आदिवासी दलित संगठन द्वारा 24 फरवरी 2022 को आदिवासियों से बेगारी करवाने एवं…

बंधुआ मजदूरी में धकेले जा रहे हैं मध्य प्रदेश के युवा आदिवासी

बंधुआ मजदूरी में धकेले जा रहे हैं मध्य प्रदेश के युवा आदिवासी; मध्य प्रदेश सरकार की उदासीनता का फायदा उठा रहे महाराष्ट्र– कर्नाटक के ठेकेदार एवं शक्कर फ़ैक्टरियों के मालिक; सिर्फ 2 हफ्तों में महाराष्ट्र और कर्नाटक में 250 से ज्यादा आदिवासियों के बंधुआ मजदूरी में फंसे होने की शिकायतें; जागृत आदिवासी दलित संगठन के प्रयासों से शनिवार तक सभी मजदूरों…
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झारखण्ड : विस्थापितों का सीसीएल के खिलाफ़ 14 फरवरी को चक्का जाम

बोकारो 14 फरवरी 2022; विस्थापित संघर्ष समन्वय समिति ने बेरमो के बैनर तले विस्थापितों का 14 फरवरी 2022 को पूर्व…

दिल्ली की आँगनवाड़ी महिलाकर्मी 31 जनवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर!

दिल्ली की आँगनवाड़ी महिलाकर्मी अपनी जायज़ माँगों को लेकर पिछले 15 दिनों से लगातार संघर्षरत हैं। मालूम हो कि केन्द्र और राज्य सरकारों द्वारा अपने माँगपत्रक पर कोई ठोस कार्रवाई न होने की सूरत में 22,000 वर्कर्स और हेल्पर्स 31 जनवरी से दिल्ली की आँगनवाड़ी केन्द्रों का काम ठप्प कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। दिल्ली स्टेट आँगनवाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स…
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