संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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राज्यवार रिपोर्टें

हसदेव अरण्य: कोयला खनन की मंजूरी देकर छत्तीसगढ़ सरकार कर रही वन्यजीव संस्थानों की रिपोर्टो को अनदेखा

हसदेव अरण्य पर छत्तीसगढ़ सरकार ने जो रवैया अपनाया है, उससे सरकार की मंशा पर सवाल उठने लगे हैं: https: downtoearth.org.in से साभार सत्यम श्रीवास्तव की रिपोर्ट. हसदेव अरण्य को लेकर आयी दो महत्वपूर्ण संस्थाओं भारतीय वन्य जीव संस्थान (डब्ल्यूआाईआई) और भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (आईसीएफआरई) की संयुक्त और अलग-अलग दो रिपोर्ट्स को कांग्रेस…
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संघर्ष का टेम्पलेट जो किसान आंदोलन ने दिया है

संयुक्त किसान मोर्चा ने 378 दिन के बाद अपने आंदोलन को स्थगित करते हुए कहा कि ‘लड़ाई जीत ली गई है, लेकिन किसानों के…

छत्तीसगढ़ में लौह अयस्क के खनन के लिए जंगलों की कटाई

छत्तीसगढ़ में देश का 19 फीसदी लौह अयस्क भंडार है और इसके खनन की वजह से पेड़ों की अंधाधुंध कटाई हो रही है। छत्तीसगढ़…

किसान आंदोलन के पूरे 13 महीने का ब्योरा : कब, कहाँ, क्या हुआ

‘378’... ये महज़ एक संख्या नहीं बल्कि वो दिन और राते हैं, जो हमारे देश के अन्नदाताओं ने दिल्ली की सड़कों पर गुज़ारी हैं... चिलचिलाती धूप, मूसलाधार बारिश और भीषण ठंड को किसानों ने सिर्फ़ इसलिए झेला ताकि आने वाली पीढ़ियां कभी इस गर्त में ना फँसें। न्यूज़ क्लिक से साभार रवि शंकर दुबे की रिपोर्ट; पंजाब, हरियाणा समेत पूरे देश का किसान दिल्ली में गाजीपुर…
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छत्तीसगढ़ : जब तक हसदेव के समस्त कोयला खदानों को निरस्त नहीं किया जाता संघर्ष जारी…

हसदेव अरण्य बचाओ संघर्ष समिति द्वारा 10 दिसंबर 2021 को ग्राम मदनपुर में छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता सेनानी, शहीद…

मध्य प्रदेश : ‘पेसा’ से उलट ‘पेसा’ के नियम

मध्य प्रदेश सरकार को करीब ढाई दशक पहले संसद में पारित ‘पेसा कानून’ की अब जाकर सुध आई है। पांच महीने पहले ‘पेसा’ के…

छत्तीसगढ़ : केंद्र व राज्य सरकार ‘हसदेव अरण्य क्षेत्र’ में कोयला खनन की मंजूरी दे कर अडानी को फायदा पहुंचा रही है

-महिबुल संभवत: देश के सबसे घने जंगल में से एक, हसदेव अरण्य में अडानी को कोयला खदान की मंजूरी दे कर छत्तीसगढ़ सरकार ने साबित किया है कि वो भी भाजपा की केंद्र सरकार के नक़्शे कदम पर चल रही है। खनन परियोजना से प्रभावित आदिवासी समुदाय ने यह आरोप लगाया हैं। दिल्ली के प्रेस क्लब में हसदेव अरण्य क्षेत्र के स्थानीय प्रतिनिधि मंडल और सामाजिक कार्यकर्ताओ ने…
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मध्य प्रदेश : सरदार सरोवर परियोजना से विस्थापित ढाई सौ गांवों की आबादी आज भी अपने ‘पूर्ण-पुनर्वास’ की बाट जोह रही है

करीब आधी सदी में पूंजी और इंसानों के ढेरों संसाधन लगाकर पश्चिमी मध्यप्रदेश में ‘सरदार सरोवर जल-विद्युत परियोजना’ खडी तो कर ली गई है, गाहे-बगाहे उसके गुणगान भी किए जाते हैं, लेकिन उसकी चपेट में आई ढाई सौ गांवों की आबादी आज भी अपने ‘पूर्ण-पुनर्वास’ की बाट जोह रही है। प्रस्तुत है, हाल में उस इलाके की यात्रा करके लौटे आदर्श शर्मा की यह रिपोर्ट;…
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