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राज्यवार रिपोर्टें
मध्य प्रदेश : ऊर्जा राजधानी सिंगरौली का स्याह सच
मध्य प्रदेश का सिंगरौली जिला विंध्य प्रदेश का महत्वपूर्ण क्षेत्र है। जहां हरिजन, आदिवासी की बहुलता वाली आबादी के जीवन यापन का मुख्य आधार प्राकृतिक संपदा थी। जब इस क्षेत्र के भू- गर्भ में कोयले के अतुल भंडार, वन संपदा एवं जल की प्रचुर मात्रा आदि ज्ञात हुआ। तब 1957 में रेलवे लाइन का काम शुरू हुआ और 1963 से यहाँ से कोयला निकालना शुरू किया गया। कोयला…
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पर्यावरणीय प्रभाव का अध्ययन अधिसूचना 2020 : मोदी सरकार कॉरपोरेटस हित में पर्यावरण…
पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत देश में विभिन्न परियोजनाओं को पर्यावरण, वन एवं मौसम बदलाव मंत्रालय से…
‘विकास’ की वजह से विनाश की ओर जाता आदिवासी समुदाय : कान में तेल डालकर…
अब केवल विकास करते रहना ही जरूरी नहीं है, बल्कि अब विकास और विकास नीतियों की समीक्षा जरूरी है। 1986 मे संयुक्त…
सिमिलीपाल टाइगर रिजर्व : बाघों के संरक्षण के लिए आदिवासियों की बलि
सिमिलीपाल टाइगर रिजर्व से विस्थापित किए गए आदिवासियों के बीच बढ़ते असंतोष से अब बाघ संरक्षण और आदिवासियों के निवास के अधिकार के बीच संघर्ष पैदा हो रहा है। इस साल जनवरी 2020 में सिमिलीपाल टाइगर रिजर्व के अंदर खेजुरी गाँव के 60 परिवारों के 110 लोगों को जबरन स्थानांतरित किया गया। जो लोग अभी भी टाइगर रिजर्व में बसे हुए हैं उनका आरोप है कि वन विभाग के…
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क्या किसानों को तबाह कर के पूरी की जाएगी भारतमाला परियोजना?
प्रेमाराम सियाग
भारत माता की माला के मोती ही बिखर जाएं वो कैसी भारतमाला?
इस पूंजीवादी मॉडल की बेतरतीब योजनाओं…
गोड्डा बिजली परियोजना का मामला : हेमंत सोरेन से विश्व के प्रभावित समुदाय और समर्थकों की अपील
गोड्डा बिजली परियोजना – विश्व के प्रभावित समुदाय और समर्थक
श्री हेमंत सोरेन
माननीय मुख्यमंत्री
झारखंड सरकार
प्रिय हेमंत सोरेनजी
दुनिया भर से हूल जोहार!
झारखंड की बागडोर फिर से संभालने पर आपका अभिवादन करते हैं और हम आपके द्वारा किए जा रहे विभिन्न प्रयासों और विशेष रूप से खनन के मुद्दों पर आपके विचारों की खुली अभिव्यक्ति की सराहना…
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मोदी सरकार के कोयले का व्यवसायिक खनन सम्बन्धी फ़ैसले के खिलाफ़ छत्तीसगढ़ बचाओ आन्दोलन…
कोयला कॉर्पोरेट मुनाफे की एक वस्तु नहीं, बहुमूल्य राष्ट्रीय सम्पदा है जिससे सैंकड़ों लोगों का जीवन और आने वाली…
मोदी सरकार ने स्वामित्व योजना के बहाने गांवों को भी टैक्स के दायरे में लाने की…
गुजरी 24 अप्रैल, 2020 को पंचायती राज दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने देश के ग्राम प्रधानों को वीडियो…
उत्तर प्रदेश : बांदा में बालू खनन माफिया के खिलाफ किसानों का जल सत्याग्रह
-रणविजय सिंह
उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में केन नदी के किनारे खप्टिहाकलां गांव स्थित है। इस गांव की रहने वाली सुमन सिंह इन दिनों बालू माफिया से काफी परेशान हैं। दरअसल, बालू खनन करने वाली कंपनी और माफिया मिलकर उनके गांव की जमीन पर अवैध खनन कर रहे हैं और शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी देते हैं।
इन्हीं परेशानियों से आजिज आकर 1 जून 2020…
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