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राज्यवार रिपोर्टें
उत्तराखण्ड : विस्थापितों को गरीबी की ओर धकेलेगा पंचेश्वर बांध
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के झूलाघाट की पंचेश्वर नदी पर एक विशाल बांध बनाया जा रहा है जिसमें उत्तराखण्ड के तीन जिलों (अल्मोड़ा, चम्पावत व पिथौरागढ़) के 31,023 परिवार प्रभावित होंगे। कई हालिया समाचार रिपोर्टों के अनुसार, परियोजना प्रभावित परिवारों की भूमि को बाजार या सर्किल दाम का 4 गुना (प्रस्तावित) नहीं बल्कि 6 गुना मुआवजा मिलेगा। इस…
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बांध नहीं अविरल बहती पिंडर नदी चाहिए उत्तराखंड की जनता को
उत्तराखंड के चमोली जिले में पिंडरगंगा नदी पर प्रस्तावित 252 मेगावाट के देवसारी बांध, के लिए बिना किसी तरह की…
मामा बालेश्वर दयाल स्मृति यात्रा का तीसरा दिन : 26 दिसम्बर को बामनिया में समापन
हज़ारों अनुयायियों के द्वारा की जा रही मामा बालेश्वर दयाल स्मृति यात्रा का आज तीसरा दिन
1965 में…
अखिल गोगोई राष्ट्रद्रोह के आरोप से मुक्त : 3 माह बाद जेल से रिहा
गुवाहाटी, 21 दिसम्बर, 2017 । कृषक मुक्ति संग्राम समिति के प्रमुख अखिल गोगोई को गौहाटी उच्च न्यायालय ने गुरुवार (21 दिसम्बर) को राष्ट्रद्रोह के आरोप से मुक्त कर दिया। इस मामले में आठ दिनों तक उच्च न्यायालय में चली सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय के अचिंत्यमल्ल बुजरबरुवा की एक सदस्यीय खंडपीठ ने अखिल गोगोई पर एनएसए के तहत लगे नेशनल सिक्योरिटी एक्ट के…
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छत्तीसगढ़ सरकार का कारनामा : शहीद वीर नारायण सिंह की कर्म भूमि वेदांता कंपनी को…
छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार ने राज्य के प्रथम शहीद वीर नारायण सिंह की कर्म भूमि को सोना खनन के लिए वेदांता कंपनी को बेच…
आजीवन कारावास की सजा झेल रहे मारूती मजदूरों की मदद के लिए आगे आए बेल्लसोनिका…
मेहनतकश वर्ग ही नए समाज का निर्माण कर सकता है। अलग-अलग उदाहरणों से ये बात सामने आती रहती है। इनमें एक और उदाहरण…
जल-जंगल-जमीन पर हक के लिए नियमगिरि आदिवासियों का प्रदर्शन
उड़ीसा के नियमगिरि, तीज माली पर्वत, खंडवाल माली पर्वत इलाकों में बढ़ते पुलिस दमन और खनन के प्रभाव ने पर्वत पर निवास कर रहे आदिवासियों के जीवन को बुरी तरह से प्रभावित किया है। इन क्षेत्रों के आदिवासियों को खनन के लिए उन्हें उनके घरों से विस्थापित किया जा रहा है। विरोध करने पर उन्हें पुलिस के क्रूर दमन का शिकार होना पड़ता है। ओड़िशा के भवानीपटना जिले…
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जे.पी. पॉवर प्लांट विरोधी आंदोलन : 4 महीने के बाद राजबहादुर पटेल जमानत पर रिहा
13 दिसंबर 2017 को करछना आंदोलन, उत्तर प्रदेश के अगुवाकार तथा किसान कल्याण संघर्ष समिति, करछना के अध्यक्ष…
गाँव सभाओं का राष्ट्रीय संमेलन, 25-26 दिसम्बर 2017, गडचिरोली
पेसा कानून के 20 साल और वन अधिकार कानून के 10 साल “संघर्ष,अमल और बदलाव”
ग्रामसभाओं का राष्ट्रीय…
बैतूल के आदिवासियों ने शुरु किया सर्वोच्च न्यायालय की गरिमा बचाओ अभियान
मध्य प्रदेश में बीते 21 सालों से वन विभाग द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना की जा रही है। 12 दिसंबर 1996 भारत की सर्वोच्च अदालत ने सिविल याचिका क्रमांक 202/95 में वन और वन भूमि की व्याख्या एवं परिभाषा कर आदेश दिया था। इस आदेश के माध्यम से सर्वोच्च न्यायालय ने छोटे एवं बड़े झाड़ के जंगलों को वन भूमि के तौर पर परिभाषित किया था।…
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