संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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गुजरात

जनसंघर्षों के राष्ट्रीय सम्मेलन के तीसरे और अंतिम दिन सुबह 10 बजे से खुला सत्र

भूमि अधिकार आंदोलन के बैनर तले अहमदाबाद के गुजरात विद्यापीठ में आयोजित हो रहे जनसंघर्षों के राष्ट्रीय सम्मेलन का कल तीसरा और अंतिम दिन है। सम्मेलन में आए विभिन्न जनसंघर्षों के प्रतिनिधियों ने जल-जंगल-जमीन और जनतंत्र की लूट के राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य तथा आंदोलनों की वस्तुगत स्थिति पर बात-चीत की। सम्मेलन में निकल कर आई जनसंघर्षों की चुनौतियों…
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जल-जंगल-जमीन-जनतंत्र की रक्षा के लिए जनसंघर्षों का राष्ट्रीय सम्मेलन कल, 16 जुलाई…

देश की आम जनता के अधिकारों, पर्यावरण, प्राकृतिक संसाधन व जमीन को बचाने के लिए एक होकर आगे की रणनीति तय करने के…

TOI का नागपुरिया इंटेलिजेंस: CPI, CPI(M), NAPM, NBA, NGO’s- सब नक्‍सलियों के ‘फ्रंटल संगठन’ हैं!

टाइम्‍स ऑफ इंडिया में आज यानी 8 जुलाई को नागपुर की डेटलाइन से एक भ्रामक ख़बर छपी है। खबर अहमदाबाद में ''जल, जंगल, ज़मीन'' पर अगले सप्‍ताह होने वाले एक राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन (जल-जंगल-जमीन-जनतंत्र की रक्षा में जनसंघर्षों का राष्ट्रीय सम्मेलन; गुजरात 16 से 18 जुलाई 2016) से जुड़ी है जिसे इंटेलिजेंस स्रोतों के आधार पर रिपोर्टर सौमित्र बोस ने…
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अंबानी को 1072 करोड़ और किसान के मृत परिवार को 6775 रुपये

गुजरात में फसल खराब होने की वजह से किसान आत्महत्या कर रहे है इस बात का हमेशा से मना करती आ रही गुजरात सरकार ने…

गुजरात: ‘एकता की मूर्ति’ हेतु जमीन अधिग्रहण का विरोध

गुजरात में नर्मदा (सरदार सरोवर बांध) बांधस्थल के नजदीक प्रस्तावित सरदार पटेल की 182 मीटर ऊंची 'एकता की मूर्ति' को इसके आसपास के 70 गांवों के आदिवासियों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। गत 2 अक्टूबर को करीब 2000 आदिवासी, आदिवासी बहुल नर्मदा जिले के नांडोड तालुका के इंद्रवर्ण गांव के नजदीक इकट्ठा हुए और उन्होंने इस क्षेत्र में पर्यटन के…
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दिल्ली-मुम्बई कॉरीडॉर : संघर्ष यात्रा में खुली ‘शाईनिंग गुजरात‘ की पोल

अपने पांचवे दिन डीएमआईसी के खिलाफ चल रही मुंबई-दिल्ली संघर्ष यात्रा 13 मार्च को गुजरात पहुंची। मुंबई से 8 मार्च…

निरमा सीमेंट कम्पनी तथा भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन

गुजरात के भावनगर जिले में एक सीमेंट कारखाना लगाने के फैसले के विरोध में 12 गांवों के  5000 से अधिक किसानों की पदयात्रा 350 किमी. लम्बी दूरी तय करके 17 मार्च 2011 को गांधीनगर पहुंची। जल-जमीन एवं जंगल बचाओ पदयात्रा 3 मार्च 2011 को महुवा क्षेत्र के धोलिया गांव से शुरू की गयी थी। इस पदयात्रा में शामिल किसानों को एक बड़ी सफलता 12 मार्च 2011 को तब…
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