संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad

झारखण्ड सरकार ने गोड्डा में 12 आदिवासियों के घरों पर चलाया बुलडोजर; देखें वीडियो

झारखण्ड के गोड्डा जिला के पोड़ैयाहाट प्रखंड के मालीगांव का अडानी द्वारा आदिवासियों के फसल रौंदने का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि 19 सितम्बर 2018 को शासन ने पोड़ैयाहाट प्रखंड के बाघमारा पंचायत के केंदुआ गांव में आदिवासी घरों पर जेसीबी से कहर बरपाया । अंचलाधिकारी के निर्देश पर जेसीबी से तकरीबन 12 घरों को तोड़ दिया गया ।…
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जीना है तो मरना सीखो, कदम-कदम पर लड़ना सीखो : प्राकृतिक संसाधनों पर गांव सभा के…

हाशिए पर मध्यप्रदेश के होशंगाबाद जिले के आदिवासी आंदोलित हो रहे हैं. 18 सितम्बर 2018 को केसला विकासखंड में सैकड़ो…

पलामू वर्ल्ड लाइफ कॉरिडोर : गांव भी खाली करवाएंगे और जनता को आंदोलन से रोकने के…

झारखंड के लातेहर जिले के अंबिकापुर जंगलों में प्रस्तावित पलामू व्याघ्र परियोजना, वर्ल्ड लाइफ कॉरिडोर बनाने के लिए…

मध्य प्रदेश : डूब प्रभावित 31 गांवों में 37 दिन से क्रमिक अनशन जारी; सरकार ने नहीं…

मध्य प्रदेश के सरदार सरोवर परियोजना से प्रभावित 31 गांवों में पिछले 37 दिन से क्रमिक अनशन जारी है लेकिन सरकार कोई…

तमिलनाडु : योगेंद्र यादव हिरासत में लिए गए, भूमि अधिग्रहण के खिलाफ कर रहे थे…

दिल्ली  8 सितंबर 2018। योगेंद्र यादव ने ट्वीट कर बताया कि जब वह किसानों से मिलने जा रहे थे उनको पुलिस ने रोका और…

झारखण्ड : अडानी के जबरन भूमि अधिग्रहण के खिलाफ रांची में प्रतिरोध मार्च, फूंका रघुवर का पुतला

झारखण्ड, रांची 7 सितम्बर 2018 को भारी बारिश के बीच में गोड्डा में किसानों की जबरन जमीन अधिग्रहण के खिलाफ विभिन्न आदिवासी-मूलवासी संगठनों द्वारा आक्रोश मार्च निकाला गया. आक्रोश मार्च के बाद राज्य सरकार का पुतला दहन भी किया गया. विरोध मार्च में रांची विश्वविद्यालय से फिरायालाल तक बड़ी संख्या में युवा शामिल थे. मार्च के दौरान रघुवर सरकार के खिलाफ…
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जारी है अडानी की गुंडागर्दी :16 बीघा खड़ी फसल पर चलवाई जे.सी.बी.

-आदित्य गुप्ता  झारखण्ड के गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट थाना क्षेत्र के माली गांव में 16 बीघा में लगे धान की फसल को…

अघोषित आपातकाल के दौर में उत्तर प्रदेश के कार्यकर्ता निकले संविधान, लोकतंत्र,…

लखनऊ 30 अगस्त 2018। सामाजिक संगठनों ने संविधान, लोकतंत्र, न्याय, समानता, बन्धुत्व के लिए आज यूपी यात्रा का आगाज…

वनाधिकार कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ के आदिवासी 23 अगस्त से अनिश्चितकालीन क्रमिक अऩशन पर

आदिवासियों के साथ हुए ऐतिहासिक अन्याय की भूल सुधार के रूप में बने वनाधिकार कानून का प्रत्यक्ष उल्लंघन अगर कहीं दिख रहा है तो वह आदिवासी क्षेत्रों में ही दिख रहा है। जिन संसाधनों पर आदिवासी समुदाय का कब्जा होना चाहिए था उन्हें बड़ी ही बेशर्मी के साथ अडानी और अंबानी जैसे उद्योपतियों के हवाले किया जा रहा है। वनाधिकार कानून के प्रभावी क्रियान्यवयन के…
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