संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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अवैध खनन विरोधी आंदोलन

उत्तर प्रदेश : बांदा में बालू खनन माफिया के खिलाफ किसानों का जल सत्‍याग्रह

-रणविजय सिंह उत्‍तर प्रदेश के बांदा जिले में केन नदी के किनारे खप्‍ट‍िहाकलां गांव स्‍थ‍ित है। इस गांव की रहने वाली सुमन सिंह इन दिनों बालू माफिया से काफी परेशान हैं। दरअसल, बालू खनन करने वाली कंपनी और माफिया मिलकर उनके गांव की जमीन पर अवैध खनन कर रहे हैं और शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी देते हैं। इन्‍हीं परेशानियों से आजिज आकर 1 जून 2020…
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कमर्शियल कोल माइनिंग और एमडीओ कॉर्पोरेट लूट का नया रास्ता : कोयला खदानों के आवंटन…

सरकारी कंपनियों की मिलीभगत से कोयला खदानों का पूरा विकास एवं संचालन पिछले दरवाज़े से मोदी सरकार के करीबी कॉरपोरेट…

अवैध खनन : मणिपुर में HC का प्रतिबंध, मेघालय पर SC का 100 करोड़ जुर्माना

मणिपुर उच्च न्यायालय ने राज्य की सभी नदियों में अवैध पत्थर और रेत खनन पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगा दिया है. साथ ही अदालत…

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आदेश के बाद महावीर कोल वाशरी की जन सुनवाई भी स्थगित

जन चेतना की खबर के अनुसार 10 जुलाई 2019 को महावीर कोल वाशरी की जन सुनवाई नहीं होगी | छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के ग्राम भेंगारी में प्रस्तावित कोल वाशरी की जन सुनवाई पूर्व में 16. 01.2018 को नियत की गई थी | लेकिन अचानक स्थगित कर दी गई | इसके बाद 10 जुलाई 2019 को नवापारा (टेंडा) में आयोजित करने की सूचना समाचार पत्रों में पर्यावरण विभाग द्वारा…
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बैलाडीला अडानी खनन मामला : छत्तीसगढ़ सरकार को सशर्त 15 दिन का अल्टीमेटम के साथ…

दन्तेवाड़ा 13 जून 2019- छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में देव पहाड़ी नंदराज को बचाने के लिए सरकार से संघर्ष कर रहे…

आंध्र प्रदेश सरकार ने आदिवासियों के संघर्ष के चलते कल्याण पुलोवा बाँध के पास जारी…

आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम जिले में आदिवासियों के निरंतर संघर्ष के बाद, सरकार ने अंततः कल्याण पुलोवा बांध के…

छत्तीसगढ़ : अडानी के खिलाफ बस्तर के आदिवासियों का संघर्ष जारी

बैलाडीला मामले में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की बातचीत की पहल और जांच के आदेश का आंदोलनकारी आदिवासियों ने स्वागत किया है, लेकिन अभी इसमें कई पेच हैं और जब तक कुछ ठोस परिणाम नहीं निकलता धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग अंतर्गत दन्तेवाड़ा ज़िला के किरन्दुल में 7 दिनों से क्षेत्र के 200 गांवों के हजारों आदिवासी पहाड़ बचाने के लिए…
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