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कोल ब्लॉक
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने परसा कोल ब्लाक मामले में भूमि अधिग्रहण पर लगाई रौक
हाईकोर्ट ने आगामी सुनवाई तक भूमिअधिग्रहण पर रोक लगा दी है. इस मामले में अब अगली सुनवाई 8 जनवरी तय की गई है: jantaserishta.com से साभार कुंती की रिपोर्ट.
परसा कोल ब्लॉक भूमि अधिग्रहण को चुनौती देने के मामले में १३ दिसम्बर को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. याचिकाकर्ताओं को हाईकोर्ट से राहत मिली. हाईकोर्ट ने आगामी सुनवाई तक भूमिअधिग्रहण पर रोक लगा दी है.…
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हसदेव अरण्य: कोयला खनन की मंजूरी देकर छत्तीसगढ़ सरकार कर रही वन्यजीव संस्थानों की…
हसदेव अरण्य पर छत्तीसगढ़ सरकार ने जो रवैया अपनाया है, उससे सरकार की मंशा पर सवाल उठने लगे हैं: https:…
छत्तीसगढ़ : जब तक हसदेव के समस्त कोयला खदानों को निरस्त नहीं किया जाता संघर्ष जारी…
हसदेव अरण्य बचाओ संघर्ष समिति द्वारा 10 दिसंबर 2021 को ग्राम मदनपुर में छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता सेनानी, शहीद…
छत्तीसगढ़ : केंद्र व राज्य सरकार ‘हसदेव अरण्य क्षेत्र’ में कोयला खनन की मंजूरी दे कर अडानी को फायदा पहुंचा रही है
-महिबुल
संभवत: देश के सबसे घने जंगल में से एक, हसदेव अरण्य में अडानी को कोयला खदान की मंजूरी दे कर छत्तीसगढ़ सरकार ने साबित किया है कि वो भी भाजपा की केंद्र सरकार के नक़्शे कदम पर चल रही है। खनन परियोजना से प्रभावित आदिवासी समुदाय ने यह आरोप लगाया हैं। दिल्ली के प्रेस क्लब में हसदेव अरण्य क्षेत्र के स्थानीय प्रतिनिधि मंडल और सामाजिक कार्यकर्ताओ ने…
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छत्तीसगढ़ : परसा कोल ब्लाक के लिए जबरन भूमि अधिग्रहण पर केंद्र, राज्य व अडानी को…
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने 9 अप्रेल 2021 को परसा कोल ब्लाक हेतु कोल बेयरिंग एक्ट के तहत बिना ग्रामसभा सहमती के किये जा…
छत्तीसगढ़ : मोदी सरकार अब ओर भी लचीली करेगी कोल माइनिंग की नीलामी प्रक्रिया
बार-बार विफलता के बावजूद बहुमूल्य प्राकृतिक सम्पदा लुटाने पर आमादा मोदी सरकार ।
कमर्शियल कोल माइनिंग के लिये अब और…
छत्तीसगढ़ : कोयला खनन में पेसा कानून की अनदेखी पर फिर उठे सवाल, सरकार और ग्रामीण आमने-सामने
कोयला खनन के वास्ते केंद्र सरकार ने बीते दिसंबर महीने में 1957 में बने कानून का उपयोग करते हुए कोरबा जिले के मदनपुर इलाके में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरु कर दी। छत्तीसगढ़ राज्य के खनिज सचिव ने जनवरी में पत्र लिखकर इसपर आपत्ति जताई है।
ग्रामीणों के अनुसार उनका क्षेत्र पांचवी अनुसूची के दायरे में आता है जहां ग्राम-पंचायतों को पेसा कानून के तहत…
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छत्तीसगढ़ : हसदेव अरण्य में खनन शुरू करने के ख़िलाफ़ सरपंचों ने जताया विरोध
-अलोक शुक्ला
आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन कर कोल खनन परियोजना हेतु मोदी सरकार द्वारा किए जा रहे…
मध्य प्रदेश : ऊर्जा राजधानी सिंगरौली का स्याह सच
मध्य प्रदेश का सिंगरौली जिला विंध्य प्रदेश का महत्वपूर्ण क्षेत्र है। जहां हरिजन, आदिवासी की बहुलता वाली आबादी के…
मोदी सरकार के कोयले का व्यवसायिक खनन सम्बन्धी फ़ैसले के खिलाफ़ छत्तीसगढ़ बचाओ आन्दोलन का आह्वान
कोयला कॉर्पोरेट मुनाफे की एक वस्तु नहीं, बहुमूल्य राष्ट्रीय सम्पदा है जिससे सैंकड़ों लोगों का जीवन और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य जुड़ा है
कल 18 जून 2020 को प्रधान मंत्री मोदी ने व्यावसायिक उपयोग के लिए खदानों की प्रक्रिया शुरुआत की | अपने भाषण में उन्होने कहा कि कोयला संसाधनों का आर्थिक लाभ के लिए दोहन, जिसमें निर्यात में भारत की अहम भूमिका बनाना,…
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