संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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राज्यवार रिपोर्टें

अपनी जड़ों से उखड़ते आदिवासी : छत्तीसगढ़ से सुधा भारद्वाज की एक ज़मीनी रिपोर्ट; भाग एक

छत्तीसगढ़ में घट रही घटनाओं को सरसरी तौर पर देखने पर ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहाँ सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. किसान, आदिवासी आंदोलन कर रहे हैं जिससे अपने जल, जंगल और जमीन को बचाया जा सके. पूरे राज्य के आदिवासियों के लिए विस्थापन गंभीर समस्या लेकर आया है जिसमें उन्हें अपनी जड़ों को छोड़कर जाने को कहा जा रहा है ताकि किसी बड़े व्यापारी का…
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बस्तर : कलगांव के 17 किसानों की जमीन बीएसपी टाऊनशिप के लिये छीन ली गई, ग्राम सभा…

अनुभव शोरी विकास के नाम पर आदिवासियों के अधिकारों का हनन आखिर कब तक,क्या विकास की परिभाषा यह है कि अपने…

सुपेबेड़ा गाँव के आदिवासी गंदा पानी पीने को मजबूर 58 की मौत : छत्तीसगढ़ सरकार,…

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के सुपेबेड़ा गाँव से एक किमी की दूरी पर हीरा खदान है। सरकार ने 2005 से पूरे इलाके को…

HEC के निजीकरण के विरोध में रांची में विशाल जनप्रतिरोध

15 फरवरी 2018। रांची, एचईसी हटिया विस्थापित परिवार समिति के द्वारा एचईसी मुख्यालय का घेराव किया गया। नीति आयोग के…

अडानी की माइन्स या हाथी, कौन जिम्मेदार है किसानों की तबाही के लिए?

हाथी के हमलों से ग्रामीणों को बचाने में नाकाम वन विभाग व राज्य सरकार के असंवेदनशील रवैये के खिलाफ विशाल…

जमीन अधिग्रहण के लिए सरकारी दबाव से डरें नहीं : जवाब में उठाए जा सकते हैं यह कदम

जब आप अपनी जमीन बचाने के लिए संघर्ष कर रहे होते हैं और प्रशासनिक अधिकारी या पुलिस अधिकारी आपके ऊपर जमीन अधिग्रहण के लिए दबाव बनाएं या धमकी दें कि आपके नाम पर मुकदमा दर्ज किया जा सकता है तब आप क्या करें? पढ़ें एसी प्रवीन कुमार भगत की रिपोर्ट; सबसे पहले तो आप बिल्कुल भी न डरें। निडर होकर उनके FIR लिखने से पहले आप प्रशासनिक अधिकारी या…
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ओला पीडित किसानों से किसान संघर्ष समिति की अपील

मध्य प्रदेश सहित देश के कई इलाको में ओलावृष्टि हुई है जिससे किसानों की फसले बर्बाद हो गई है। अभी तक किसी भी…

हंसी में उलझा रहा देश और 12 परमाणु रिएक्टरों को मिली तबाही लाने की मंजूरी

बीते 7 फरवरी को जिस वक्‍त संसद में प्रधानमंत्री रामायण सीरियल की याद कर के कांग्रेसी नेता रेणुका चौधरी की…

बस्तर बुमकाल विद्रोह : आज भी जिंदा है गुण्डाधुर का संघर्ष आदिवासी परंपरा में

छत्तीसगढ़, बस्तर 10 फ़रवरी 2018। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम 1910 की महान बस्तर बुमकाल विद्रोह के अमर नायक क्रांतिकारी गुण्डाधुर का 108 वां बुमकाल दिवस कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा अन्तर्गरत देव स्थल उसेह मुदिया में मनाया गया। कोयलीबेड़ा, कागबरस से लौट कर तामेश्वर सिन्हा की रिपोर्ट; 8 फरवरी 2018 से शुरू होकर तीन दिन 10 फरवरी तक बुमकाल दिवस मनाया…
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