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विस्थापन विरोधी आंदोलन
जिंदल : नहीं थमा है अंगुल के विस्थापितों पर दमन
25 जनवरी 2012 को अंगुल में प्रभावित तथा विस्थापितों के ऊपर जिंदल स्टील एंड पॉवर लिमिटेड द्वारा हिंसात्मक दमन की घटना को हम जानतें हैं यह घटना तब घटी जब स्थानीय प्रभावित तथा विस्थापित लोग अपनी पीड़ा स्थानीय प्रशासन तथा जे एस पी एल के अधिकारियों को सुनाने पहुचें थें। लबें विरोध प्रदर्शनों, आंदोलन तथा लोगों, स्थानीय प्रशासन और जे एस पी…
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क्या न्यायपालिका आदिवासी विरोधी है?
15 जुलाई, 2012 को रिमझिम बारिस के बीच, सरकार के फरमान पर अपनी जमीन बचाने के लिए नगड़ी गांव के रैयत रांची के कांके…
गांव बचाओ आंदोलन : धरना एवं भूख हड़ताल
उत्तर प्रदेश का गाजीपुर जिला जहां एक तरफ गंगा एक्सप्रेस वे विरोधी आंदोलन का केन्द्र बना हुआ है वहीं गंगा की…
सजा ली चिता, अब ज़मीन लेंगे या जान देंगे
कटनी के विजय राघवगढ़ एवं बरही तहसीलों के दो गांवों डोकरिया और बुजबुजा के किसानों की दो फसली खेतिहर ज़मीनें वेलस्पन नामक कंपनी के ऊर्जा उत्पादक उद्योग हेतु अधिग्रहीत करने के संबंध में दाखिल सैकड़ों आपतियों एवं असहमति को शासन ने दरकिनार कर दिया। सरकार द्वारा जबरन भूमि अधिग्रहण के विरोध में किसानों ने अब आंदोलन और ख़ुद की चिता सजा लेने का काम…
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भूमि अर्जन के प्रस्तावित विधेयक के खिलाफ लामबंदी
प्रस्तावित भूमि अर्जन, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन विधेयक 2011 के खिलाफ 11 जन संगठनों ने 17 नवंबर 2011 को रांची…
भाखड़ा बांध विस्थापित आर-पार की जंग को तैयार
भाखड़ा बांध विस्थापितों की सभी कमेटीओं की बैठाकें 9 जून को मलराओं तथा 10 जून कोसरियां व वाला गाँव में संपन हुई. इन…
झारखण्ड-छत्तीसगढ़ के संगठनों की पहल काम आया आपसी तालमेल: बंधुआ हुए मुक्त
उल्लेखनीय यह है कि बंधुआ मजदूरों को आपसी समन्वय से इन संगठनों ने मुक्त तो करा लिया परंतु भट्ठा मालिक के खिलाफ बंधुआ श्रमिक एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज नहीं किया गया, जबकि होप (झारखण्ड) एवं छत्तीसगढ़ महिला मंच (छ.ग.) जैसे संगठन इस पर लगातार जोर देते रहे.....
8 जनवरी 2012 को सुबह 7-8 के बीच मुझे देवघर के साथी ने फोन पर यह सूचना दी कि आपके क्षेत्र…
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शोषण-अन्याय, प्राकृतिक संसाधनों की लूट एवं भ्रष्टाचार के खिलाफ : 30 जिलों में जन…
उड़ीसा राज्य के विभिन्न जनसंघर्षों ने सूचना अधिकार अभियान की पहल पर गांधी जयंती के दिन 2 अक्टूबर 2011 से 4 नवंबर…
बाक्साईट खनन के खिलाफ उड़ीसा के सबसे ऊँचे पहाड़ की चोटी पर आदिवासियों का जमावड़ा
कोरापुट, 21 मार्च 2011 को लगभग 15000 आदिवासियों तथा परंपरागत वन निवासी समुदाय के लोगों ने देवमाली रेंज में बाक्साइट…
पांच साल में आठ लाख हैक्टेयर घटी कृषि भूमि
भारत में कृषि भूमि पिछले पांच साल में 0.43 प्रतिशत घटकर 18 करोड़ 23.9 लाख हैक्टेयर रह गई है। कृषि भूमि के व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए हस्तांतरण की वजह से ऐसा हुआ है। देश में बड़े पैमाने पर भवनों, सड़कों और रेलवे को कृषि भूमि का हस्तांतरण हो रहा है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2003-2004 में भारत में कुल कृषि भूमि 18 करोड़ 31.9 लाख हैक्टेयर थी, जो…
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