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महिला आंदोलन
दिल्ली की आँगनवाड़ी महिलाकर्मी 31 जनवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर!
दिल्ली की आँगनवाड़ी महिलाकर्मी अपनी जायज़ माँगों को लेकर पिछले 15 दिनों से लगातार संघर्षरत हैं। मालूम हो कि केन्द्र और राज्य सरकारों द्वारा अपने माँगपत्रक पर कोई ठोस कार्रवाई न होने की सूरत में 22,000 वर्कर्स और हेल्पर्स 31 जनवरी से दिल्ली की आँगनवाड़ी केन्द्रों का काम ठप्प कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं।
दिल्ली स्टेट आँगनवाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स…
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दिल्ली : 12 दिन से दिल्ली सचिवालय के बाहर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन जारी
आज दिल्ली स्टेट आँगनवाड़ी वर्कर्स एण्ड हेल्पर्स यूनियन के नेतृत्व में हज़ारों की तादाद में आँगनवाड़ीकर्मियों ने…
महिलाएं ही नर्मदा आंदोलन की धुरी : नर्मदा महिला सम्मेलन
सरदार सरोवर परियोजना से प्रभावित डूब प्रभावित गांवों की महिलाओं द्वारा एकत्रित होकर बड़वानी स्थित अर्जुन कारंज भवन…
पत्थरगढ़ी को निशाना बनाने के लिए हथियार बनाया गया पांच महिलाओं के बलात्कार का मामला : खूंटी से एक ज़मीनी रिपोर्ट
झारखण्ड के खूंटी ज़िले के कोचांग गांव में पिछले दिनों मानव तस्करी के ख़िलाफ़ नुक्कड़ नाटक करने गईं पांच युवतियों को अगवाकर गैंगरेप किया गया। यौन हिंसा व दमन के खिलाफ महिलाएँ (WSS) के एक स्वतंत्र जाँच दल ने 28 से 30 जून 2018 तक घटना स्थल का दौरा किया। दल में रिनचिन, राधिका तथा पूजा शामिल थी। जाँच दल का मानना है कि इस पूरे मामले में पीड़ित महिलाओं का…
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महिला हिंसा एवं साम्प्रदायिकता के विरोध में प्रदर्शन
26 अप्रैल 2015 को प्रगतिशील महिला एकता केन्द्र ने साम्प्रदायिकता व नारी उत्पीड़न के विरोध में जंतर-मंतर, दिल्ली पर…
मानवाधिकारों के लिए मेहनतकश महिलाओं का धरना
राजस्थान के जयपुर शहर में गुजरी 10 दिसम्बर को घरेलू कामगार महिलाओं ने दूसरों के घरों में ‘सहायक’ के तौर पर काम करने…
महिला नसबंदी : औरतों के शरीर पर हमला
भारत में परिवार नियोजन की पूरी जिम्मेदारी महिलाओं पर थोप दी गई है। नसबंदी कराने वालों में से 98 प्रतिशत महिलाएं ही हैं। वहीं दूसरी ओर जिन परिस्थितियों या शिविरों में यह आपरेशन किए जाते हैंं वह महिलाओं के प्रति हमारे असम्मानजनक रवैय्ये को ही सामने लाता है। इस विषम परिस्थिति की असलियत को सामने लाता कल्पना मेहता का महत्वपूर्ण आलेख जिसे हम सप्रेस से…
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सबसे ज्यादा काम, सबसे कम दाम और सबसे कम सुरक्षा ये है महिला कामगारों की स्थिति :…
‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'श्रमेव जयते' नारे का पर्याय है- श्रम का सम्मान नहीं, श्रम की पहचान नहीं। दरअसल…
महिला दिवस पर आजाद मैदान से मुम्बई-दिल्ली संघर्ष यात्रा आरंभ
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर मुम्बई के आजाद मैदान से मुम्बई-दिल्ली संघर्ष यात्रा का आरंभ हुआ। दिल्ली मुंबई औद्योगिक…
दामिनी बलात्कार और समाज व्यवस्था
दामिनी की सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ में मौत हो चुकी है। लम्बे समय तक सफदरजंग अस्पतला में उसका इलाज चला लेकिन दामिनी की हातल गंभीर होती चली गयी अंत में दामिनी को सिंगापुर भेजना पड़ा। इससे यह स्पष्ट है कि भारत सरकार का स्वास्थ्य के प्रति कितनी उदासीन है। हथियारों पर लाखों करोड़ खर्च करने वाली सरकार के पास आंतों के प्रत्यारोपण के लिए कोई बजट ही नहीं…
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