संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad

दिल्ली : 12 दिन से दिल्ली सचिवालय के बाहर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन जारी

आज दिल्ली स्टेट आँगनवाड़ी वर्कर्स एण्ड हेल्पर्स यूनियन के नेतृत्व में हज़ारों की तादाद में आँगनवाड़ीकर्मियों ने दिल्ली के विकास भवन के पास अपनी जायज़ माँगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल के 12वें दिन की सफ़लतापूर्वक शुरुआत की। प्रशासन की तमाम रूकावटों के बावजूद महिलाओं ने डटकर अपनी एकजुटता के दम पर हड़ताल को आयोजित किया।

ज्ञात हो कि 7 सितम्बर 2021 को दिल्ली की आँगनवाड़ीकर्मियों ने हज़ारों की संख्या में दिल्ली सचिवालय पर इक्कट्ठा हो ‘चेतावनी प्रदर्शन’ के ज़रिए दिल्ली व केन्द्र सरकार के समक्ष अपना ज्ञापन सौंपा था। हड़ताल के दौरान यूनियन की अध्यक्षा शिवानी कौल ने बताया कि 7 सितम्बर 2021 को दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग मन्त्री राजेन्द्र पाल गौतम से आँगनवाड़ी कर्मियों के प्रतिनिधिमण्डल की हुई वार्ता में मन्त्री जी ने हमारी सभी माँगों पर तुरन्त कार्रवाई का आश्वासन दिया था। मन्त्री जी ने दिल्ली की आँगनवाड़ी महिलाकर्मियों से एक हफ़्ते का समय माँगा था। साथ ही उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया था कि किसी भी महिलाकर्मी को प्रदर्शन में शामिल होने के लिए प्रताड़ित नहीं किया जायेगा। लेकिन मन्त्री जी दोनों में से किसी भी आश्वासन पर कायम नहीं रहे।

उन्होंने आगे कहा कि 7 सितम्बर 2021 के ‘चेतावनी प्रदर्शन’ के बाद 4 महीने गुज़र चुके हैं और दिल्ली व केन्द्र सरकार की ओर से हमारे माँग-पत्रक पर कोई जवाब नहीं आया है। इसके अलावा विभाग द्वारा महिलाकर्मियों को अपनी जायज़ व लोकतान्त्रिक माँगों को उठाने के लिए प्रताड़ित किया जा रहा है।

आँगनवाड़ीकर्मी सुनीता ने कहा कि पंजाब में तो केजरीवाल जी यह दावा ठोक रहे हैं कि फ्रण्टलाइन पर काम करने वाली स्कीम वर्करों को कोविड से संक्रमित होने की स्थिति में 1 करोड़ का मुआवजा दिया जा रहा है। लेकिन हक़ीक़त तो यह है कि दिल्ली में कोविड की बन्दिशों के दौरान भी ज़मीनी स्तर पर कार्यरत आँगनवाड़ीकर्मियों को मास्क, सैनिटाइजर, फ़ेस कवर और पीपीई किट जैसे बुनियादी सुरक्षा सामान भी नहीं मुहैय्या कराए गये हैं। इस दौरान दिल्ली सरकार ने सप्ताहांत में कर्फ्यू लगा दिया है लेकिन आँगनवाड़ी केन्द्रों पर महिलाकर्मियों का आना ज़रूरी है। बिना यातायात के साधनों के आँगनवाड़ीकर्मी अपने केन्द्रों तक किस प्रकार पहुँचेंगी?!

दिल्ली स्टेट आँगनवाड़ी वर्कर्स एण्ड हेल्पर्स यूनियन की अध्यक्षा शिवानी ने बताया कि दिल्ली की आम आदमी पार्टी व केन्द्र में सत्तारूढ़ भाजपा ने अन्य राज्यों के चुनावी घोषणापत्र में तो आँगनवाड़ीकर्मियों के लिए कई घोषणाएं कर दी हैं। लेकिन दिल्ली की आँगनवाड़ीकर्मियों के 7 सितम्बर 2021 के ज्ञापन पर 4 महीने बाद तक भी कोई जवाब नहीं दिया है। पंजाब चुनाव के मद्देनजर केजरीवाल ने वहाँ की स्कीम वर्करों को कई हवाई वायदे किये हैं। लेकिन दिल्ली में जहाँ ये सत्ता में बैठे हैं वहाँ की महिलाकर्मियों की माँगों की सुनवाई करने के बजाए उनके काम का दबाव लगातार बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

11 सितम्बर 2018 को प्रधानमन्त्री मोदी द्वारा केन्द्र सरकार की मानदेय बढ़ोत्तरी की घोषणा की गयी थी। यह घोषणा जुमला साबित हुई और इसमें घोषित राशि हमें आज तक नहीं मिली। सितम्बर 2018 में हुई मानदेय बढ़ोत्तरी की इस घोषणा पर कोई अमल नहीं किया गया है। जिन राज्यों में आने वाले वक्त में चुनाव हैं, वहाँ स्कीम वर्करों को लुभाने के लिए सभी पार्टियाँ हवाई दावे कर रही हैं। अतः दिल्ली की आँगनवाड़ीकर्मियों ने फ़ैसला लिया है कि हम तमाम चुनावबाज़ पार्टियों को दिल्ली के नगरनिगम चुनाव से पहले एक अल्टीमेटम दे रहीं हैं। जो भी पार्टियाँ हमारे माँगपत्रक पर लिखित आश्वासन नहीं देंगी उन्हें न तो हम वोट देंगी बल्कि इलाकों में उनका उनका सक्रिय बहिष्कार भी करेंगी। और हमारे इस बहिष्कार अभियान का असर अपनी टीमें भेजकर पंजाब, उत्तर प्रदेश और अन्य तमाम राज्यों में होने वाले चुनावों पर भी दर्ज करवायेंगी।

 

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