संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
.

वनाधिकार

प्राकृतिक संसाधनों की लूट को रोकना-धरती आबा बिरसा मुंडा को सच्ची श्रद्धांजलि

धरती आबा बिरसा मुंडा के समय अंग्रेजों ने आदिवासी कृषि व्यवस्था को सामंती राज्य में बदलने की प्रक्रिया को तेज़ कर दिया था। चूंकि आदिवासी अपनी आदिम तकनीक से अधिशेष पैदा नहीं कर सकते थे, इसलिए छोटानागपुर के प्रमुखों ने गैर-आदिवासी किसानों को भूमि पर बसने और खेती करने के लिए आमंत्रित किया। इससे आदिवासियों के पास मौजूद ज़मीनें उनसे अलग हो गईं। ठेकेदारों…
और पढ़े...

संसद द्वारा एकमत से पारित वनाधिकार कानून के बाद भी आदिवासियों, वनाश्रितों के साथ…

2006 में देश की संसद द्वारा ऐतिहासिक अन्याय खत्म करने को एकमत से 'वनाधिकार' कानून बनाया गया था। कानून से आस जगी थी…

14 साल बाद : वनाधिकार कानून के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत

वन अधिकार कानून 2006 के प्रस्तावना में उल्लेख है कि औपनिवेशिक काल के दौरान तथा स्वतंत्र भारत में राज्य वनों को समेकित करते समय उनकी पैतृक भूमि पर वन अधिकारों और उनके निवास को पर्याप्त रूप से मान्यता नहीं दी गई थी, जिसके परिणाम स्वरूप वन में निवास करने वाली उन अनुसूचीत जनजातियों और अन्य परम्परागत वन निवासियों के प्रति ऐतिहासिक अन्याय हुआ है, जो वन…
और पढ़े...

मध्य प्रदेश : लॉकडाउन में वन कर्मियों ने आदिवासियों के घर जलाए

भोपाल 2 जून 2020। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के सिवाल गांव के आदिवासी निवासियों कहना है कि वन अधिकारियों ने…

छत्तीसगढ़ : सुप्रीम कोर्ट के जंगल खाली करने के फैसले के खिलाफ बस्तर में प्रदर्शन

कांकेर (छत्तीसगढ़)- गुजरी 2 जुलाई 2019 को आदिवासी समाज ने रैली निकालकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध कर कहा जल…

अंग्रेजों से भी बेरहम साबित हुई भारत की न्यायपालिका

कुछ लोग इस भ्रम में रहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट या हमारी न्याय व्यवस्था भगवान शंकर के त्रिशूल पर बसी काशी नगरी जैसी न्यारी और भिन्न व्यवस्था है, जबकि यह बारहा सिद्ध हुआ है कि सुप्रीम कोर्ट शोषण और विषमता पर टिकी हमारी इस लोकतांत्रिक प्रणाली का ही हिस्सा है. झारखंड के नगड़ी में चले आंदोलन के प्रति उसके रवैये से इसका अंदाजा तो लगा था, 16 राज्यों के…
और पढ़े...

झारखण्ड : लाखों आदिवासियों को जंगल से जबरन बेदखल करने के खिलाफ पुतला दहन; अल्बर्ट…

आईये, हज़ारों में . . . आदिवासियों के जबरदस्त बेदखल के खिलाफ केंद्रीय आदिवासी मोर्चा की ओर से आयोजित प्रदर्शन…

भारत के आदिवासियों को उनके जंगल से बेदखल करने वाले सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ…

साथियों, सुप्रीम कोर्ट ने 13 फरवरी को एक ऐसा आदेश जारी किया है जो संभवतः आजाद भारत के इतिहास में आदिवासियों के…

माई लॉर्ड : जंगल नहीं छोड़ेंगे आदिवासी, प्रतिरोध की तैयारी

-पूजा सिंह रायपुर/भोपाल. देश की सर्वोच्च अदालत के आदेश के बावजूद देश भर के जंगलों में सैकड़ों सालों से रहने वाले आदिवासी अपना घर नहीं छोड़ेंगे .बस्तर ,सरगुजा ,झाबुआ से लेकर उत्तर प्रदेश के आदिवासी अंचल से जो जानकारी आ रही है वह गंभीर है .वे सर्वोच्च अदालत के फैसले को आदिवासियों के खिलाफ अबतक का सबसे बड़ा हमला मान रहे हैं .बस्तर में पहले से ही…
और पढ़े...