संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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बिहार

बिहार में निर्णायक संघर्ष का आगाज़: जहां गंगा सफाई न्याय और लोकतंत्र का मुद्दा है

गोमुख से लेकर गंगासागर तक 2525 किलोमीटर के नदीपथ के दोनों ओर स्थित जनपदों की जलदात्री एवं पवित्र जलवाली गंगा का जल पूरी तरह से प्रदूषण हो गया है। बिहार में अस्सी के दशक में गंगा को जलकर जमींदारों से मुक्ति करवाया गया था और अब यही से गंगा -प्रदूषण मुक्त के सवाल पर निर्णायक लड़ाई का आगाज हुआ। पेश है कुमार कृष्णन की रिपोर्ट; ‘‘अब तक हमने…
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कोईलवर : जहरीले कचरे के कारखाने के खिलाफ ग्रामीण जनता एकजुट

गुजारी 16 अक्टूबर 2014 को बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अम्बिका शरण उच्च विद्यालय, जमालपुर में राम्के…

एक तरफ दीवार, दूसरी तरफ नहर और बीच में रहने को मजबूर लोग

बिहार की राजधानी पटना में टेश लाल वर्मा नगर झोपड़पट्टी है। यहां पर रहने वाले 274 परिवार के ऊपर विस्थापन की तलवार…

एक बूँद पानी भी अभिजीत ग्रुप के प्लांट को नहीं देंगे : किसानों का ऐलान

बिहार के बाँका जिले में चन्दन नदी पर लक्ष्मीपुर (बौंसी प्रखण्ड) में केवल सिंचाई कार्य के लिए करीब 40 वर्ष पूर्व चन्दन बाँध का निर्माण किया गया था. बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग के पत्रांक 885 दिनांक 23.06.2011 अभिजीत ग्रुप (ताप विद्युत गृह) को दिये जाने का लाभान्वित किसानों द्वारा जवर्दस्त विरोध किया जा रहा हैं। 'चन्दन डैम बचाओ संघर्ष मोर्चो' के…
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चन्द्री देवी का अंतहीन संघर्ष

यह संघर्ष की दास्तान बिहार राज्य के बांका जिले के ग्राम मोचनावरण गांव की रहने वाली चन्द्री देवी की है. चन्द्री देवी को भूदान आंदोलन में वर्ष 1970-71 में खेती योग्य 4 एकड़ 80 डिसमिल जमीन दान में दि गई थी.चन्द्री देवी जमीन का पट्टा पा कर बहुत खुश थी, चन्द्री देवी ने तय किया कि अपने बच्चों शिक्षा दिलाएगी ताकि उन्हें गाव में मजदूरी नहीं करनी पड़ेगी.…
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