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राज्यवार रिपोर्टें
हिमाचल प्रदेश के जनसंघर्ष: न्याय के लिए बढ़ते कदम
हिमाचल प्रदेश का भू-भाग अपनी पहचान एवं इतिहास के लिए एक राज्य के रूप में प्रशासनिक गठन की तारीख का मोहताज नहीं…
उड़ीसा के जनसंघर्ष: सबक और चुनौतियां
उड़ीसा के जनसंघर्ष: सबक और चुनौतियां - धीरेन्द्र प्रताप सिंह
राजनीतिक दलों ने पोस्को हिंसा की न्यायिक जांच की मांग की
ओडिशा में राजनीतिक दलों ने परादीप के पास पास्को इस्पात संयंत्र स्थल पर हुई हिंसा में एक व्यक्ति की मौत के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए हिंसा के मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की। यह मांग 15 दिसंबर को की गयी।
कांग्रेस, भाजपा, भाकपा, माकपा, फारवर्ड ब्लाक, राजद और सपा ने पोस्को स्थल तक तटवर्ती लिंक रोड निर्माण सहित परियोजना से…
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सरकार, माफिया, कंपनी और ठेकेदारों का गठजोड़: पोस्को विरोधी आंदोलनकारियों पर…
14 दिसंबर, 2011 को दोपहर के लगभग 1.30 बजे 500 से ज्यादा हथियारबंद गुंडे माफिया डान बापी के नेतृत्व में पारादीप…
सर्वे टीम को वापस किया आदिवासी महिलाओं की एकजुटता ने
पश्चिम सिंहभूम (झारखण्ड) जिले के नोआमण्डी ग्राम पंचायत क्षेत्र के गांव से सरकारी सर्वे टीम को गांव की आदिवासी…
संवैधानिक प्रावधान लागू कराने की मांग भी सत्ता को स्वीकार नहीं : विधानसभा घेरने जा रहे आदिवासियों पर निर्मम लाठी चार्ज
सत्ता की कथनी-करनी का गंभीर फर्क बार-बार सामने आता रहता है। भारतीय संविधान में आदिवासियों की विशष्टताओं को देखते हुए उनके लिए विशेष प्रावधान पांचवीं एवं छठवीं अनुसूची के रूप में किये गये हैं और वन अधिकार अधिनियम बनाते समय भी घड़ियाली आँसू बहाते हुए कहा गया था कि ‘ऐतिहासिक अन्यायों को समाप्त करने के लिए’ यह कानून लाया गया है जिससे कि आदिवासियों के…
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नवीकरणीय एवं टिकाऊ ऊर्जा
इण्डिया इस्लामिक सेण्टर, नयी दिल्ली में 25-26 फरवरी 2012 को ‘नवीकरणीय एवं टिकाऊ ऊर्जा’ विषय पर दो दिवसीय…
विस्थापन और गैर बराबरी के खिलाफ जन-संसद एवं विरोध सभा का आयोजन
विस्थापन और गैर बराबरी के खिलाफ 23 मार्च 2012 को संसद मार्ग पर एक जन-संसद एवं विरोध सभा का आयोजन एन.ए.पी.एम. की…
भूमि अधिग्रहण, उदारीकरण-निजीकरण, मंहगाई-बेरोजगारी के खिलाफ कृषि एवं कृषि भूमि की रक्षा के लिए संसद पर किसानों-मजदूरों का प्रदर्शन
साम्यवादी विचारधारा के जनक कार्ल मार्क्स के जीवन से जुड़ी तारीख 14 मार्च को संसद मार्ग पर भारी पुलिसबल की तैनाती के बीच पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उ. प्र., बिहार, झारखण्ड, प. बंगाल, उड़ीसा, असम, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल, महाराष्ट्र, गोवा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश समेत 22 राज्यों कि किसानों-मजदूरों-नवजवानों जिनकी तादाद लगभग 60 हजार थी, ने…
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