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राज्यवार रिपोर्टें
पोस्को कम्पनी को दी गयी वनभूमि के इस्तेमाल की इजाजत
पोस्को को हरी झण्डी: मामला आर्थिक-प्रौद्योगिकी-सामरिक महत्व का या कुछ और ?
फैसले का आधार देश में मौजूद कानून या सरकार द्वारा नियुक्त समितियों और विशेषज्ञों की संस्तुति तथा स्थानीय लोगों की मांग नहीं बल्कि राज्य सरकार के प्रति ‘निष्ठा एवं विश्वास’।
‘पोस्को जैसी परियेाजनायें आर्थिक-प्रौद्योगिकी तथा सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण’ अतएव…
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महिला कामगारों के संघर्ष
जहां एक तरफ स्वयं सहायता समूह के जाल में फंसी तथा कर्ज से कराहती महिलायें आत्महत्या करने को विवश हो रही हैं वहीं…
सम्पादकीय, जुलाई 2011
हम खुश किस्मत हैं कि हमारे माननीय सर्वोच्च न्यायालय को समय-समय पर याद आ जाता है कि असंवैधानिक क्या है?…
बाक्साईट खनन के खिलाफ उड़ीसा के सबसे ऊँचे पहाड़ की चोटी पर आदिवासियों का जमावड़ा
कोरापुट, 21 मार्च 2011 को लगभग 15000 आदिवासियों तथा परंपरागत वन निवासी समुदाय के लोगों ने देवमाली रेंज में बाक्साइट खनन के खिलाफ अपनी एकता तथा ताकत का प्रदर्शन किया। यह सभी लोग कोरापुट जिले के अलग-अलग 4 ब्लॉक से देवमाली पहाड़ पर एकत्रित हुए थे, जो कि उड़ीसा की सबसे बड़ी चोटी है तथा जिसकी ऊंचाई 1673 मीटर है। यह बैठक देवमाली आंचलिक परिवेश सुरक्षा मंच…
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पोस्को प्रतिरोध संग्राम समिति 8 अप्रैल को घेरेगी विधान सभा
13 मार्च की रैली की घोषणा
पोस्को कम्पनी के विरोध में चलने वाला संघर्ष धीरे-धीरे छठवां साल पूरा करने जा रहा…
वेदांत विश्वविद्यालय एवं वेदांता कंपनी पर कसता न्यायालयों का शिकंजा
केन्द्र के वेदांत एलुमिनियम कंपनी के लांजीगढ़ एल्युमिनियम रिफाइनरी के ताकत को 1 एमटीपीए से 6 एमटीपीए तक बढ़ाने की…
भूमि अधिग्रहण का विरोध, जारी है धरना-प्रदर्शन और गिरफ्तारी
हरियाणा राज्य के रोहतक जिले के 9 गांवों की 3368 एकड़ जमीन का अधिग्रहण खरखौदा में आई.एम.टी. बनाने के लिए किया जा रहा है। इन गांवों के किसानों को भूमि-अधिग्रहण अधिनियम 1894 के तहत नोटिस भी थमा दी गयी है। किसान अपनी कृषि भूमि की रक्षा के लिए संघर्षरत हैं। इलाके के किसान सैदपुर गांव में शांतिपूर्ण ढंग से अपना धरना चला रहे हैं। भूमि बचाओ संघर्ष समिति,…
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जे.पी. पॉवर प्लांट के लिए अधिग्रहीत कृषि भूमि के खिलाफ संघर्ष जारी…
लिखित वादे से मुकरा जिला प्रशासन धमकी पर आमादा
घायल किसान शहीद
अपनी जीविका, जमीन तथा कृषि बचाने के…
कनहर नदी पर बँध रहे बाँध की त्रासदी
सोनभद्र का विकास वनाम विस्थापन
सोनभद्र का इलाका औद्योगिक विकास के लिहाज से प्रदेश में एक बडी हैसियत रखता…
तीन राज्यों के 80 गांवों/बस्तियों को जल समाधि देने एवं कनहर तथा पाँगन नदियों की मौत का ऐलान है कनहर बाँध परियोजना
उत्तर प्रदेश सरकार का यह विकास का मन्दिर नहीं स्वीकार लोगों को.
‘‘धरती मैया की जय’’ के नारे के साथ कनहर बचाओ आंदोलन ने फिर कसी कमर।
गाँवों में बैठकें, रणनीति का फैसला, संकल्प सभा, हजारों ने की पदयात्रा, जिला मुख्यालय तक पदयात्रा करने पर रोक, तहसील का किया घेराव और न्यायालय जाने की तैयारी।
अपने जन्मदिन 15 जनवरी 2011 को उ. प्र. की मुख्यमंत्री…
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