संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad

भारत बंद : नए कृषि कानूनों के खिलाफ फिर सड़कों पर उतरे किसान, 26-27 नवंबर 2020 को ‘दिल्ली चलो’ का ऐलान

नए कृषि कानूनों के विरोध में देश के कई हिस्सों में किसान सड़कों पर उतरकर रास्ता रोक रहे हैं

मोदी सरकार द्वारा लाये गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का विरोध प्रदर्शन देशभर में जारी है। पांच नवंबर को किसान देशव्यापी चक्का जाम कर रहे हैं। अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति (एआईकेएससीसी) के ऐलान पर महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत कई राज्यों में किसान कृषि कानूनों के खिलाफ सड़कों पर उतर आये हैं और राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों को बंद कर रहे है।

रास्ता रोको कार्यक्रम में हरियाणा के 34 किसान संगठन भाग ले रहे हैं। किसान संगठनों ने कहा है कि किसान पांच नवंबर को दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक सड़कों पर बैठकर शांतिपूर्वक प्रदर्शन करेंगे। इसके अलावा किसानों ने 26 और 27 नवंबर को ‘दिल्ली चलो’ आंदोलन का ऐलान भी किया है।

महाराष्ट्र के कोल्हापुर में सड़क पर प्रदर्शन के लिए जुटे किसान।


पंजाब में किसान 41 दिन से आंदोलन कर रहे हैं, जबकि रेल रोको आंदोलन छह नवंबर तक जारी रहेगा। आंदोलन के कारण रेलवे ने पंजाब की ओर जाने वाली 44 ट्रेनें रद्द कर दी हैं और 34 के मार्ग बदले गये हैं।


कृषि कानून के खिलाफ पंजाब में जगह-जगह धरने पर बैठे किसान

कृषि कानून के खिलाफ उड़ीसा में जगह-जगह धरने पर बैठे किसान

 

ज्ञातव्य है कि मोदी सरकार संसद के मानसून सत्र में तीन नए कृषि विधेयक लेकर आयी थी। लोकसभा और राज्याभा में पास होने के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने हस्ताक्षर के बाद तीन कृषि विधेयकों ने कानून का रूप ले लिया। मगर संसद की शुरुआत से ही इन तीनों कानूनों का किसान विरोध कर रहे हैं। ये तीनों कानूनों में कृषक उपज व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन एवं सुविधा) विधेयक 2020 और कृषक (सशक्तीकरण व संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक 2020 पर 24 सितंबर को और आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक 2020 शामिल हैं।

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