संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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reality of women labour

सबसे ज्यादा काम, सबसे कम दाम और सबसे कम सुरक्षा ये है महिला कामगारों की स्थिति : कविता कृष्णन

‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'श्रमेव जयते' नारे का पर्याय है- श्रम का सम्मान नहीं, श्रम की पहचान नहीं। दरअसल मोदी का 'मेक इन इण्डिया' और 'श्रमेव जयते' श्रम कानूनों को कमजोर करके श्रम के शोषण के लिये ताले खोलने का अभियान है जिससे काॅरपोरेट मनमाने तरीके से श्रम की लूट कर सकें। 'अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन' (एपवा) की राष्ट्रीय सचिव कविता…
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