संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
.

दिल्ली

मोदी सरकार ने चुपके से बदली पर्यावरण नीति : अब कंपनियों को 50 हजार वर्गमीटर तक के प्रोजेक्ट्स के लिए पर्यावरण प्रभाव आकलन की जरूरत नहीं

गिरीश मालवीय ने फेसबुक पोस्ट के जरिये वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय  द्वारा जारी  एक नई अधिसूचना का मसला उठाया है। उन्होंने जिक्र किया है कि मोदी सरकार ने 2 दिन पहले 18 मई 2019 को बिल्डरों के प्रोजेक्ट्स, खनन और नई औद्योगिक यूनिट शुरू कर रही कम्पनियों के लिए पर्यावरण छूट बढ़ा दी है। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने एक नई…
और पढ़े...

भारत में शिक्षण संस्थानों पर हो रहे हमलों के विरुद्ध अप्रैल 2018 मे दिल्ली में हुए…

भारतीय विश्वविद्यालयों के परिसरों की घेराबंदी – शैक्षणिक संस्थाओं पर हो रहे हमलों पर पीपुल्स ट्रिब्यूनल की रपट…

आदिवासियों की बेदखली का फरमान और जमीन की कारपोरेटी लूट

-सीमा आज़ाद 20 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में 13 फरवरी को दिया गया एक ऐसा फैसला जंगल में आग की तरह फैला, जिसने लोगों को…

अंग्रेजों से भी बेरहम साबित हुई भारत की न्यायपालिका

कुछ लोग इस भ्रम में रहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट या हमारी न्याय व्यवस्था भगवान शंकर के त्रिशूल पर बसी काशी नगरी जैसी न्यारी और भिन्न व्यवस्था है, जबकि यह बारहा सिद्ध हुआ है कि सुप्रीम कोर्ट शोषण और विषमता पर टिकी हमारी इस लोकतांत्रिक प्रणाली का ही हिस्सा है. झारखंड के नगड़ी में चले आंदोलन के प्रति उसके रवैये से इसका अंदाजा तो लगा था, 16 राज्यों के…
और पढ़े...

मजदूर अधिकार संघर्ष रैली : रामलीला मैदान से संसद मार्ग, 3 मार्च 2019

बहनो, साथियो! जिस दिन का हम सब बड़ी बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे वह दिन आ गया है। आनेवाली 3 मार्च को दिल्ली के…

भारत के आदिवासियों को उनके जंगल से बेदखल करने वाले सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ…

साथियों, सुप्रीम कोर्ट ने 13 फरवरी को एक ऐसा आदेश जारी किया है जो संभवतः आजाद भारत के इतिहास में आदिवासियों के…

नेशन फॉर फार्मर्स : कृषि संकट पर संसद में विशेष सत्र की माँग के लिए राष्ट्रीय सम्मेलन

कृषि संकट पर संसद में विशेष सत्र की माँग के लिए राष्ट्रीय सम्मेलन 1 से 3 मार्च, 2019 इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली दिल्ली 25 फरवरी 2019. कृषि संकट पर संसद में विशेष सत्र की माँग को लेकर ‘नेशन फॉर फार्मर्स’ अखिल भारतीय सम्मेलन आयोजित कर रहा है, कृषि संकट पर संसद में विशेष सत्र के प्रस्तावित एजेंडे पर चर्चा और विचार-विमर्श करने के लिए ‘नेशन…
और पढ़े...

सुप्रीम कोर्ट का फरमान : इक्‍कीस राज्‍यों के दस लाख आदिवासी खाली करें ज़मीन

सुप्रीम कोर्ट ने बीती 13 फरवरी को एक बेहद अहम फैसला सुनाते हुए 21 राज्‍यों को आदेश दिए हैं कि वे अनुसूचित जनजातियों…

देश भर से दिल्ली में जुटेंगे छात्र-नौजवान, मांगों के साथ घेरेंगे 7 फ़रवरी को संसद

नई दिल्ली: युवा भारत राष्ट्रीय समन्वय समिति देश भर के 50 से ज़्यादा युवा-छात्र संगठनों को एकजुट करने का दावा कर रही…

मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ ट्रेड यूनियनों की देशव्यापी हड़ताल; 8-9 जनवरी 2019

भाइयों/बहनों केंद्र की मोदी सरकार ने अपने साढ़े चार साल के कार्यकाल में देशी-दिवेशी कॉर्पोरेट कंपनियों के पक्ष में कार्य किया है. इसके परिणाम स्वरुप देश के 73 प्रतिशत संपदा आज एक प्रतिशत आमिर लोगो के हाथ में सिमट गई है. 11 लाख करोड़ से ज्यादा बैंको की राशी बड़े पूंजी पतियों के हाथों में है जिसे सरकार ने निष्क्रिय परी सम्पति घोषित क्र उसे बट्ठे खाते…
और पढ़े...