संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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दिल्ली

निजीकरण के बढ़ते कदम : सामाजिक उपक्रमों को बेचने में रेलवे मात्र शुरुआत है

दिल्ली, 17 जुलाई। भारतीय रेलवे को पूंजीपतियों के हाथ बेचने की जन-विरोधी सरकार की घोषणा के ख़िलाफ़ दिल्ली सहित देश के कई इलाको में प्रदर्शन हो रहे है और निगमीकरण व निजिकरण की जनविरोधी नीतियों को वापस लेने की माँग बुलंद हुई है। हिंदुस्तान की 70 प्रतिशत जनता अब भी रेलवे से ही सफर करती है। रेलवे ने इस देश में सतत विकास की ओर जीवन रेखा का काम किया है।…
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प्रधानमंत्री किसान पेंशन योजना : मोदी का मुनाफाखोर बीमा कंपनियों को किसानों को…

-चरण सिंह नई दिल्ली। वैसे तो किसानों को हर सरकार बेवकूफ बनाती आ रही है पर मोदी सरकार है कि कुछ ज्यादा ही बना रही…

भारत के किसानों के नाम किसान संगठनों का खुला पैगाम

कृपया अवैध आनुवंशिक रूप से संशोधित/जीएम बीजों को न बोएं, विज्ञान के नाम पर कम्पनियों के दलालों के झांसों में न आएं भारत के किसान एवं अन्नदाता मित्रों, हमें नहीं मालूम कि आप में से कितने लोगों को आनुवंशिक रूप से संशोधित बीज या जीएम बीज के बारे में जानकारी होगी। भारत के कपास उगाने वाले क्षेत्रों में बीटी कपास के बीजों से किसान परिचित होंगे परन्तु…
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मोदी सरकार ने चुपके से बदली पर्यावरण नीति : अब कंपनियों को 50 हजार वर्गमीटर तक के…

गिरीश मालवीय ने फेसबुक पोस्ट के जरिये वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय  द्वारा जारी  एक नई अधिसूचना का मसला उठाया…

भारत में शिक्षण संस्थानों पर हो रहे हमलों के विरुद्ध अप्रैल 2018 मे दिल्ली में हुए…

भारतीय विश्वविद्यालयों के परिसरों की घेराबंदी – शैक्षणिक संस्थाओं पर हो रहे हमलों पर पीपुल्स ट्रिब्यूनल की रपट…

आदिवासियों की बेदखली का फरमान और जमीन की कारपोरेटी लूट

-सीमा आज़ाद 20 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में 13 फरवरी को दिया गया एक ऐसा फैसला जंगल में आग की तरह फैला, जिसने लोगों को स्तब्ध कर दिया। यह एक ऐसा फैसला था, जिसके सुनाये जाते समय पीड़ित पक्ष अदालत में मौजूद ही नहीं था। यह फैसला था- देश के 17 राज्यों के वन क्षेत्रों में बसे 10 लाख से ज्यादा आदिवासियों को 24 जुलाई 2019 के पहले उजाड़ने का। फैसले के अनुसार ये…
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अंग्रेजों से भी बेरहम साबित हुई भारत की न्यायपालिका

कुछ लोग इस भ्रम में रहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट या हमारी न्याय व्यवस्था भगवान शंकर के त्रिशूल पर बसी काशी नगरी जैसी…

मजदूर अधिकार संघर्ष रैली : रामलीला मैदान से संसद मार्ग, 3 मार्च 2019

बहनो, साथियो! जिस दिन का हम सब बड़ी बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे वह दिन आ गया है। आनेवाली 3 मार्च को दिल्ली के…

भारत के आदिवासियों को उनके जंगल से बेदखल करने वाले सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ विरोध प्रदर्शन; 2 मार्च को

साथियों, सुप्रीम कोर्ट ने 13 फरवरी को एक ऐसा आदेश जारी किया है जो संभवतः आजाद भारत के इतिहास में आदिवासियों के खिलाफ तंत्र की तरफ से सबसे बड़ी कार्यवाही साबित होगी। सुप्रीम कोर्ट ने 16 राज्यों के 10 लाख से अधिक आदिवासी और वनवासी परिवारों को जंगलों से बेदखल करने का आदेश दिया है। न्यायालय के आदेशानुसार यह कार्य मामले की अगली तारीख यानी 27 जुलाई से…
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