संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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राज्यवार रिपोर्टें

क्या है भूमि अधिग्रहण संशोधित विधेयक : विरोध में 5 जुलाई को झारखण्ड बंद

भूमि अधिग्रहण और पुनर्व्यवस्थापन में अचित प्रतिकार और पारदर्शिता का अधिकार (झारखंड संशोधन) विधेयक 2017 को राष्ट्रपति के मंजूरी के बाद राज्य में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई। 5 जुलाई को झारखण्ड बंद  की घोषणा की गई। इस विधेयक पर राज्यपाल की सहमति मिल जाने के बाद विधि विभाग अधिसूचना जारी करेगा और कानून के रूप में राज्य में लागू हो जायेगा। राजनीतिक…
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रमन सरकार खामोश है : चना सत्याग्रह के तहत किसान कर रहे मुख्यमंत्री मुंह खोलो…

छत्तीसगढ़, राजनांदगांव 3 जुलाई 2018। छत्तीसगढ़ प्रदेश में सीएम रमन सिंह के निर्वाचन जिला राजनांदगांव मुख्यमंत्री मुंह…

उचित मुआवज़ा व पुनर्वास न मिलने पर नर्मदा बांध विस्थापितों ने किया भू अर्जन…

मध्य प्रदेश, बड़वानी 2 जुलाई 2018। सरदार सरोवर परियोजना से बड़वानी ज़िले के 65 से अधिक गाँव डूब में है। आज भी इन…

राष्ट्रीय सम्मेलन : भूमि-वन-पर्यावरण कानूनों में प्रतिकूल और जन विरोधी संशोधनों की पोल खोल; 9 जुलाई 2018, दिल्ली

साथियों, वर्षों के लम्बे संघर्ष के बाद 2013 में भूमि अधिग्रहण क़ानून, 1894 रद्द हुआ और उचित मुआवजे का अधिकार, भूमि अधिग्रहण में पारदर्शिता, विस्थापन और पुनर्वास अधिनियम, 2013 (जिसे 2013 का भूमि कानून के रूप में भी जाना जाताहै) पारित हुआ। क़ानून पूरी तरह जनपक्षिय नहीं था लेकिन फिर भी परियोजना प्रभावितों के हित की बात, और कई हद तक किसानों तथा…
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किसानों की कब्रगाह बनता बुंदेलखंड : 15 दिनों में 5 किसानों ने की आत्महत्या

-शिव नारायण सिंह परिहार किसानों की कब्रगाह बन चुका बुंदेलखंड। झांसी के तहसील टहरौली थाना उल्दन गांव नोटा का रहने…

भिलाई गोलीकांड के शहीदों को श्रद्धांजलि : 1992 का पुलिस दमन नहीं भूलेंगे मजदूर

छत्तीसगढ़ भिलाई 1 जुलाई 2018।  पावर हाउस स्टेशन में गोलीकांड में मारे गए छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के श्रमिकों को आज…

जब सैंया भए कोतवाल… अडानी की किसानों को धमकी, अगर जमीन नहीं दी तो उसी जमीन में गाड़ देंगे; देखें वीडियो

जहां साल दर साल बढ़ती किसान आत्महत्याओं पर सरकार नजर भी डालने को तैयार नहीं थी वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री मोदी के सबसे अजीज अडानी खुले आम झारखंड में किसानों को धमका रहे हैं कि यदि किसान उनके पावर प्लांट के लिए जमीन नहीं देंगे तो वह किसानों को उसी जमीन में गाड़ देंगे। यही है प्रधानमंत्री मोदी के विकास का मॉडल जहां पर इस देश के मजदूर किसानों की…
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हूल दिवस : आजादी की पहली लड़ाई थी हूल क्रांति, आज भी संताल हूल की चिंगारी मौजूद है…

संताल हुल को समझने के लिए जरुरी है की हम हुल के अर्थ को समझे । “हुल” संताली आदिवासी शब्द है जिसका अर्थ होता है…

पत्थलगड़ी : खूंटी में हुई पुलिसिया बर्बरता के खिलाफ अल्बर्ट एक्का चौक पर…

रांची 28 जून 2018. संयुक्त आदिवासी सामाजिक संगठन एवं आदिवासी मानवाधिकार संगठन के बैनर तले गुरुवार शाम को रांची में…

एक तीर से दो निशाने : पत्थरगड़ी की कहानी खत्म और आदिवासियों की सैकड़ों एकड़ जमीन पर कब्जा

झारखंड के मुंडा दिसुम में पांच महिलाओं के साथ हुए गैंगरेप, तीन पुलिसकर्मियों का अगवा और एक निर्दोंष आदिवासी की पुलिसिया कार्रवाई में हुई मौत एवं सैकड़ों आदिवासियों पर किये गये पुलिस जुल्म की भत्र्सना करते हुए मैं कहना चाहता हूं कि इस क्षेत्र में पिछले एक साल से चल रहा सांप-सीढ़ी का खेल मूलतः मुंडा दिसुम को कब्जा करने का है, जिसे ऐतिहासिक पृष्टभूमि…
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