संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad

उत्तराखण्ड : हाथियों के लिए बनेगा कॉरिडोर; विरोध में पदयात्रा शुरू 26 दिसम्बर को लालकुआं पर विशाल प्रदर्शन

-कैलाश पाण्डेय हल्द्वानी। उत्तराखण्ड सरकार हाथियों की सुरक्षा के नाम पर हाथी कॉरिडोर का निर्माण करने जा रही है। इस कॉरिडोर से सकड़ों वर्षों से जंगलों में रह रहे स्थानीय लोगों पर विस्थापन का खतरा मंडराने लगा है। प्रभावित परिवारों ने अखिल भारतीय किसान महासभा की अगवाई में हाथी कॉरिडोर के खिलाफ पदयात्रा शुरू की है जो 26 दिसम्बर 2018 को लालकुआं पर विशाल…
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झारखण्ड : पांचवी अनुसूची, सीएनटी-एसपीटी एक्ट पर हो रहे हमलों के खिलाफ 21 नवम्बर को…

आज पूरे झारखण्ड के आदिवासी कोर्पोरेट लूट से भयभीत है, पलामू-लातेहार, गुमला जिला के ग्रामीण प्रस्तावित नेतरहात फील्ड…

राज्य सुरक्षा के नाम पर लोकतांत्रिक विरोध की गुंजाइश को खत्म करना बहुत ही खतरनाक…

रायपुर 31 अक्टूबर 2018। छत्तीसगढ़ के जन आंदोलनों पर बढ़ते राजकीय दमन के खिलाफ राष्ट्रीय एकजुटता सम्मलेन का आयोजन 31…

राजस्थान : विकास की भेंट चढ़ीं 31 अरावली की पहाड़ियाँ

डाॅ. कृष्णस्वरूप आनन्दी प्रकृति-विरोधी व प्रदूषणकारी एवं रोजगारनाशी व विस्थापनकारी विकास (?), भोग-प्र्रधान जीवन-शैली, बेलगाम नगर निर्माण व विस्तार और चकाचैंध वाले आधुनिकीकरण के चलते तेज़ी से अमूल्य, दुर्लभ या विलक्षण प्राकृतिक संसाधनों एवं संरचनाओं का सफ़ाया हो रहा है। इसकी जीती-जागती मिसाल है कि पिछले 50 वर्षों के दौरान खनन व निर्माण के बकासुर ने…
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झारखण्ड : अडानी पॉवर प्लांट जबरन भूमि अधिग्रहण और सरकारी बर्बरता का सूचक- जाँच दल…

झारखण्ड, रांची 31 अक्टूबर 2018। गोड्डा में अडानी पॉवर प्लांट के लिए भूमि अधिग्रहण कानून 2013 की प्रक्रियाओं का…

मध्य प्रदेश : नर्मदा घाटी विस्थापितों का गुजरात में सरदार पटेल के पुतले का विरोध…

सरदार पटेल जंयजी मनानी है तो किसान-खेतीहरों को कर्जमुक्त करे और उपज का सही दाम दे सरकार। गुजरात के आदिवासीयों को…

संसाधन और स्वशासन : जन वनाधिकार सम्मेलन में वनाधिकार जन घोषणा पत्र का मसौदा जारी

रायपुर 29 अक्टूबर 2018 । संसाधन और स्वशासन : जनता की आवाज पर दो दिविसय जन वनाधिकार सम्मेलन का आयोजन गोंडवाना भवन, रायपुर में किया गया। कार्यक्रम में जन घोषणा पत्र का मसौदा तैयार करके 29 अक्टूबर को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से चर्चा हुई। पेश है वनाधिकार का जन-घोषणा पत्र (मसौदा); छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जनजाति व अन्य परंपरागत वन-निवासी (वन…
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जन आंदोलनों पर बढ़ते राजकीय दमन के खिलाफ-राष्ट्रीय एकजुटता सम्मेलन; 31 अक्टूबर 2018 रायपुर

देश में जैसे जैसे सामाजिक आर्थिक संकट गहराता जा रहा है,इन संकटों से प्रभावित हिस्सों पर राजकीय दमन भी बढ़ते जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य जो नैसर्गिक और खनिज संसाधनों में देश के संपन्नतम राज्यों में है वहीं गरीबी अशिक्षा स्वास्थ्य कुपोषण में भी अग्रणी है, यह भयावह विषमता अपने आप में विशाल मेहनत दलित आदिवासी समुदाय के खिलाफ दमनकारी नीतियों को प्रमाणित…
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