संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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उत्तर प्रदेश

मनरेगा : काम के अधिकार के साथ बेहूदा मज़ाक़

भगत सिंह ने आज़ादी के लिए शहादत दी थी, 23 मार्च 1931 को इंक़लाब ज़िंदाबाद का नारा लगाते हुए हंसते-हंसते फ़ांसी का फंदा चूमा था। उनके लिए आज़ादी का यह मतलब नहीं था कि गोरे अंग्रेज़ विलायत भाग जायें और काले अंग्रेज़ उसी ज़ालिम कुर्सी पर क़ाबिज़ हो जायें- और जनता वहीं की वहीं रहे, ग़ुलामी सहे और घुट-घुट कर जिये। देश को आज़ादी मिली लेकिन देश के लोगों की आज़ादी…
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सर्वे के झरोखे से अति वंचितों की स्थिति

सर्वे का दायरा था आठ जिलों (भदोही, जौनपुर, वाराणसी, इलाहाबाद, कौशाम्बी, फ़तेहपुर, उन्नाव और बाराबंकी) के 14 ब्लाक, 15 राजस्व गांव और अति वंचित समुदायों के 676 परिवार। बेशक़, यह सीमित दायरे की तसवीर है लेकिन व्यापक रूप से अति वंचित समुदायों के साथ नत्थी वंचनाओं की बानगी पेश करता है; मनरेगा मनरेगा इसलिए लागू हुआ कि ग्रामीण…
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मुसहर-दलित-वंचित सम्मेलन: नयी मुहिम की शुरूआत

बरही नवादा से लौट कर आदियोग की रिपोर्ट;अगली 2 दिसंबर को बनारस के बरही नवादा गांव में ‘मुसहर-दलित-वंचित सम्मेलन’ का आयोजन होगा। इसमें बनारस समेत जौनपुर, ग़ाज़ीपुर और सुल्तानपुर से भी अति वंचित समुदायों (जातियों) के लोग जुटेंगे। सम्मेलन में वे अपने दुख-दर्द साझा करेंगे और बेहतरी के लिए उठाये जानेवाले ज़रूरी क़दमों पर फ़ैसला लेंगे। यह सम्मेलन…
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यह साम्प्रदायिक नहीं, हिंदूवादियों की इकतरफा हिंसा थी

फैजाबाद में हुई हिंसा को लेकर पिछली 18 और 19 नवम्बर को छह सदस्यीय स्वतंत्र जांच दल ने पूरे मामले की छानबीन की।…

फैजाबाद हिंसा एकतरफा और प्रयोजित: जाँच दल

उत्तर प्रदेश के फैजाबाद में दुर्गा पूजा के दिन 24 अक्टूबर 2012 को दो समुदायों के बीच हुई हिंसक झड़पों से उपजे तनाव के कारण करीब दो सप्ताह तक कर्फ्यू जारी रहा. इस पुरे घटनाक्रम का जायजा लेने एंव प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने एक स्वतंत्र जांच दल ने 3 नवम्बर 2012 को भ्रमण किया. इस जाँच दल में युगल किशोर शरण शास्त्री, खालिक अहमद खान, विनय श्रीवास्तव,…
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