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उत्तर प्रदेश
मनरेगा : काम के अधिकार के साथ बेहूदा मज़ाक़
भगत सिंह ने आज़ादी के लिए शहादत दी थी, 23 मार्च 1931 को इंक़लाब ज़िंदाबाद का नारा लगाते हुए हंसते-हंसते फ़ांसी का फंदा चूमा था। उनके लिए आज़ादी का यह मतलब नहीं था कि गोरे अंग्रेज़ विलायत भाग जायें और काले अंग्रेज़ उसी ज़ालिम कुर्सी पर क़ाबिज़ हो जायें- और जनता वहीं की वहीं रहे, ग़ुलामी सहे और घुट-घुट कर जिये। देश को आज़ादी मिली लेकिन देश के लोगों की आज़ादी…
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अति वंचित समुदायों की बड़ी दस्तक
गुज़री 7 मार्च को लखनऊ में प्रदेश के नौ जिलों से आये नट, कंजड़, मुसहर, सपेरा जैसे अति वंचित समुदायों के लोगों ने…
पानी के निजीकरण के खिलाफ कुंभ में जल संसद
कहा जाता है कि राजा भागीरथी अपने पुरखों को तारने के लिए हिमालय से गंगा बहा कर तीर्थराज प्रयाग लेकर आये थे। लाखों…
सर्वे के झरोखे से अति वंचितों की स्थिति
सर्वे का दायरा था आठ जिलों (भदोही, जौनपुर, वाराणसी, इलाहाबाद, कौशाम्बी, फ़तेहपुर, उन्नाव और बाराबंकी) के 14 ब्लाक, 15 राजस्व गांव और अति वंचित समुदायों के 676 परिवार। बेशक़, यह सीमित दायरे की तसवीर है लेकिन व्यापक रूप से अति वंचित समुदायों के साथ नत्थी वंचनाओं की बानगी पेश करता है;
मनरेगा
मनरेगा इसलिए लागू हुआ कि ग्रामीण…
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बेघरी की बेबसी बनाम सरकारी बेदिली
राजधानियों से बाक़ी शहरों के हाल का सुराग़ मिलता है। सब जानते हैं कि चमकते विकास के बरअक़्स नयी दिल्ली से लेकर…
मुसहरों को नसीहत नहीं, अधिकार चाहिए
बरही नवादा से लौट कर आदियोग मंच पर भीड़ज़्यादातर वक्ताओं ने मुसहरों को जी भर कर भाषण पिलाया। प्रवचन दिया कि उनकी…
मुसहर-दलित-वंचित सम्मेलन: नयी मुहिम की शुरूआत
बरही नवादा से लौट कर आदियोग की रिपोर्ट;अगली 2 दिसंबर को बनारस के बरही नवादा गांव में ‘मुसहर-दलित-वंचित सम्मेलन’ का आयोजन होगा। इसमें बनारस समेत जौनपुर, ग़ाज़ीपुर और सुल्तानपुर से भी अति वंचित समुदायों (जातियों) के लोग जुटेंगे। सम्मेलन में वे अपने दुख-दर्द साझा करेंगे और बेहतरी के लिए उठाये जानेवाले ज़रूरी क़दमों पर फ़ैसला लेंगे। यह सम्मेलन…
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करछना से इलाहाबाद तक किसानों का पदल मार्च
जिलाधिकारी को ज्ञापन देते किसान भूमि अधिग्रहण के विरोध में करछना इलाहाबाद (उ0प्र0) में पुनर्वास किसान कल्याण…
यह साम्प्रदायिक नहीं, हिंदूवादियों की इकतरफा हिंसा थी
फैजाबाद में हुई हिंसा को लेकर पिछली 18 और 19 नवम्बर को छह सदस्यीय स्वतंत्र जांच दल ने पूरे मामले की छानबीन की।…
फैजाबाद हिंसा एकतरफा और प्रयोजित: जाँच दल
उत्तर प्रदेश के फैजाबाद में दुर्गा पूजा के दिन 24 अक्टूबर 2012 को दो समुदायों के बीच हुई हिंसक झड़पों से उपजे तनाव के कारण करीब दो सप्ताह तक कर्फ्यू जारी रहा. इस पुरे घटनाक्रम का जायजा लेने एंव प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने एक स्वतंत्र जांच दल ने 3 नवम्बर 2012 को भ्रमण किया. इस जाँच दल में युगल किशोर शरण शास्त्री, खालिक अहमद खान, विनय श्रीवास्तव,…
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