संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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उड़ीसा

जाम्बिया से भारत तक वेंदाता कम्पनी के खिलाफ प्रदर्शन; देखें विडियो

5 अगस्त को 2016 को ब्रिटिश माइनिंग कंपनी वेदांता रिसोर्सेस की वार्षिक जनरल मीटिंग के विरोध में भारत जांबिया और लंदन के कुछ स्थानों पर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किए गए। भारत के उड़ीसा राज्य के दो जिलों झारसुगुड़ा और लांजिगढ़ (नियामगिरी) में लंबे समय से वहां की स्थानीय जनता वेंदाता कंपनी के वापस जाने की मांग कर रही है। झारसुगुढ़ा में चल रहे…
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कितनी भी यातनाएं दे ले पुलिस हम अपना नियामगिरी पर्वत नहीं छोड़ेगे : डोंगरिया कोंध

ओड़ीशा के नियमगिरि पर्वत पर नियमगिरि सुरक्षा समिति के तत्वाधान में सात दिवसीय पदयात्रा का आयोजन किया गया। 29 मई…

पॉस्को प्रतिरोध संग्राम समिति के अध्यक्ष अभय साहू गिरफ्तार

26 अप्रैल 2016 की रात जगतसिंहपुर जिले में पॉस्को स्टील प्लांट की स्थापना का विरोध कर रहे संगठन, पॉस्को प्रतिरोध…

पोस्को : भ्रम व छल के बीच जारी है प्रतिरोध

पॉस्को परियोजना को एनजीटी द्वारा ओडीशा में मंजूरी न मिलने के बावजूद अभी तक पॉस्को की तरफ से परियोजना की औपचारिक वापसी की घोषणा नहीं की गई है। इसके अलावा पॉस्को के साथ चल रहे संघर्ष के समय गांव वालों पर लगे झूठे मुकदमे और पुलिस दमन बदस्तूर जारी है। ओडीशा के जगतसिंगपुर में पोस्को के विरोध में जारी संघर्ष के…
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पुलिसिया दमन के विरोध में नियामगिरी के आदिवासियों ने किया थाने का घेराव

नियामगिरी सुरक्षा समिति के सैकड़ों डोंगरिया कोंध जनजाति के लोगों ने 11 अप्रैल 2016 को पुलिस दमन के विरोध में…

दसरू कडरका की गिरफ्तार के विरोध में नियामगिरी आदिवासियों ने किया थाने का घेराव;…

7 अप्रैल 2016 को माओवादी होने के झूठे आरोप में गिरफ्तार नियामगिरी सुरक्षा समिति के युवा कार्यकर्ता दसरू कडरका की…

नियामगिरी आदिवासी दसरू कडरका गिरफ्तार : रिहाई के लिए आंदोलन तेज

नियामगिरी सुरक्षा समिति के पच्चीस वर्षीय कार्यकर्ता दसरू कडरका को 7 अप्रैल 2016 को मुनिगड़ा बाजार से माओवादी होने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया जबकि गिरफ्तारी के समय न तो उसके पास से किसी तरह का कोई हथियार बरामद हुआ और न ही इस आरोप को प्रमाणित करता कोई सबूत। पुलिस ने उस पर आगजनी, लूट, हत्या और कॉम्बैट आपरेशन के दौरान पुलिस बल पर हमले जैसे…
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खण्डधार पहाड़ियों-झरनों को कॉरपोरेट से बचाने की लड़ाई तेज

बीती 26 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब दिल्‍ली से समूचे देश को गणतंत्र का पाठ पढा रहे थे, ठीक उसी वक्‍त…

नियमगिरी का पुर्नभ्रमण : दूसरी किस्‍त

नियमगिरी में निवासकर रहा आदिवासी डोंगरिया कौंध समुदाय एक परिपूर्ण विचार के साथ खनन का विरोध कर रहा है। उसकी अपनी जीवनशैली प्रकृति के सामंजस्य से विकसित हुई है और जीवन के शाश्वत मूल्यों को अंगीकार करती है। इस आलेख के माध्यम से यह बात सामने आती है कि यह समुदाय बहुत सोचविचार करने के बाद व पृथ्वी के भविष्य को सुस्थिर रखने की जद्दोजहद में अपने…
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