संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad

जे.पी. पॉवर प्लांट विरोधी आंदोलन : 4 महीने के बाद राजबहादुर पटेल जमानत पर रिहा

13 दिसंबर 2017 को करछना आंदोलन, उत्तर प्रदेश के अगुवाकार तथा किसान कल्याण संघर्ष समिति, करछना के अध्यक्ष राजबहादुर पटेल को इलाहाबाद सेशन अदालत ने जमानत दे दी। राजबहादुर पटेल पर कुल 18 मुकदमें दर्ज थे उनमें से 14 मुकदमों में 50,000-50,000 के 14 मुचलके, 2 मुकदमों में एक-एक लाख के दो मुचलके तथा दो मुकदमों में 20,000 के दो मुचलके पर जमानत दी गई…
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गाँव सभाओं का राष्ट्रीय संमेलन, 25-26 दिसम्बर 2017, गडचिरोली

पेसा कानून के 20 साल और वन अधिकार कानून के 10 साल “संघर्ष,अमल और बदलाव” ग्रामसभाओं का राष्ट्रीय…

बैतूल के आदिवासियों ने शुरु किया सर्वोच्च न्यायालय की गरिमा बचाओ अभियान

मध्य प्रदेश में बीते 21 सालों से वन विभाग द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना की जा रही है। 12…

चुटका परमाणु परियोजना के विरोध में चेतावनी सभा

12 दिसम्बर 2017; मध्य प्रदेश के मंडला जिले के चुटका गाँव में प्रस्तावित परमाणु पॉवर प्लांट के विरोध में निषाद मंगल भवन, स्टेडियम के सामने, मंडला में चेतावनी सभा का आयोजन किया गया। सभा में मेधा पाटकर, एडवोकेट आराधना भार्गव, प्रफुल समन्तरे, राजकुमार सिन्हा ने अपनी बाते रखी, ये लड़ाई, ये विरोध किसी के खिलाफ नहीं बल्कि अपनी प्रकृतिक जमीन को बचाने के लिए…
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संसाधनों की लूट के खिलाफ किसान महापंचायत

मध्य प्रदेश के छिंदवाडा में किसान संघर्ष समिति द्वारा 11 दिसम्बर 2017 को पेंच व्यपर्तन परियोजना और अड़ानी पॉवर…

दिल्ली में किसान मुक्ति संसद : देश भर के किसान कर्ज माफी को लेकर एकजूट

आज दिल्ली में देश भर के किसान अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले जुटे हैं।…

किसान मुक्ति यात्रा का चौथा चरण समाप्त : 20 नवंबर को किसान मुक्ति संसद दिल्ली में

18 राज्यों में 10 हज़ार किलोमीटर की किसान मुक्ति यात्रा का चौथा चरण समाप्त किसान एकजुटता की नई लहर किसानों की सम्पूर्ण कर्ज़ा मुक्ति और डेढ़ गुना समर्थन मूल्य के लिए होगी 20 नवंबर को किसान मुक्ति संसद 5 नवंबर 2017; अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति द्वारा आयोजित किसान मुक्ति यात्रा चौथे चरण के अंतिम…
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बारनवापारा अभ्यारण्य से आदिवासियों का जबरन विस्थापन शुरू : वेदांता कंपनी को दी…

छत्तीसगढ़ सरकार वनाधिकार मान्यता कानून की धज्जियां उड़ाते हुए बारनवापारा अभ्यारण्य से आदिवासियों को जबरन…

टिहरी बांध विस्थापित बेहाल : 37 सालों में सरकारें पुनर्वास स्थलों पर पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, यातायात जैसी सुविधायें भी नहीं दे पायी

उत्तराखण्ड में टिहरी बांध से उजड़े हजारों लोग 37 साल बाद आज भी अपने बुनियादी अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अभी तक 415 स्थानीय विस्थापितों का भूमि आधारित पुनर्वास नहीं हो पाया है। विस्थापितों के लिए बने पुनर्वास स्थलों पर पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, यातायात जैसी सुविधायें भी सरकारें नहीं दे पायी हैं। 11 साल हो गए बांध बने फिर भी विस्थापितों…
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