संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad

ज़रूरी अलर्ट पेंच बांध : अडानी के पॉवर प्लांट के लिए आदिवासियों के 30 गाँव डुबोने की तैयारी, ग्रामीण दहशत में

9 जुलाई 2016; मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के बारहबिरहारी गाँव में पेंच बांध का पानी भरना शुरू हो गया है. लोग अपने सामान को समेटना शुरू कर दिए है. पुलिस सहरत मंसूरी और कलाम बी मंसूरी को गिरिफ्तार करके ले गई है। घर पर उनकी दो बेटीया है. गांव की बिजली काट दी गई है. प्रशासन द्वारा आदिवासियों के 30 गाँव डूबोने के लिए धारा 144 लागू कर दी गई…
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पेंच बांध : आदिवासियों के 30 गाँव पानी में डूबोने के लिए जिला प्रशासन ने धारा 144…

मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में 8 जुलाई 2016 को किसान संघर्ष समिति द्वारा लगातार बारिश के बीच…

नवलगढ़ के किसानों का बांगड़-बिरला के सीमेंट प्लांटों के खिलाफ 2140 दिनों से धरना…

- दीप सिंह शेखावत नवलगढ़ के गोठडा गांव में श्री सिंमेट कम्पनी का प्लांट लगना प्रस्तावित है और प्लांट के…

TOI का नागपुरिया इंटेलिजेंस: CPI, CPI(M), NAPM, NBA, NGO’s- सब नक्‍सलियों के ‘फ्रंटल संगठन’ हैं!

टाइम्‍स ऑफ इंडिया में आज यानी 8 जुलाई को नागपुर की डेटलाइन से एक भ्रामक ख़बर छपी है। खबर अहमदाबाद में ''जल, जंगल, ज़मीन'' पर अगले सप्‍ताह होने वाले एक राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन (जल-जंगल-जमीन-जनतंत्र की रक्षा में जनसंघर्षों का राष्ट्रीय सम्मेलन; गुजरात 16 से 18 जुलाई 2016) से जुड़ी है जिसे इंटेलिजेंस स्रोतों के आधार पर रिपोर्टर सौमित्र बोस ने…
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नर्मदा जल जमीन हक्क सत्याग्रह : 30 जुलाई 2016 से राजघाट, बडवानी, मध्य प्रदेश

13 जुलाई से 15 जुलाई तक नर्मदा परिक्रमा 21 से 23 जुलाई तक : नर्मदा किनारे वाहन यात्रा नर्मदा घाटी…

ऋचा फैक्ट्री : मजदूरों की हड़ताल आंशिक सफलता के साथ समाप्त

उत्तराखण्ड के काशीपुर स्थित ऋचा फैक्ट्री के मजदूर 27 जून को अपनी 39 दिन की हड़ताल (जिसमें 4 दिन आमरण अनशन…

पोटका के आदिवासियों का भूषण स्टील कंपनी के खिलाफ एक दशक से बहादुराना प्रतिरोध

झारखण्ड के पोटका क्षेत्र में प्रस्तावित भूषण स्टील कंपनी ने जमीन का सर्वे करने का दुबारा दुशः साहस किया है…

जल-जंगल-जमीन-जनतंत्र की रक्षा में जनसंघर्षों का राष्ट्रीय सम्मेलन; गुजरात 16 से 18…

जनसंघर्षों का राष्ट्रीय सम्मेलन भूमि अधिकार आंदोलन तमाम अन्य जनवादी संगठनों तथा जनता के हकों के…

हूल दिवस की 161वीं वर्षगांठ : हूल आज भी जारी है

तस्वीर एकलव्य आदिवासी से साभार 30 जून 1855 को सिदो मुर्मू और कान्हु मुर्मू के नेतृव में 30 हजार से भी अधिक आदिवासी बरहेट,संताल परगना,झारखण्ड के भोगनाडीह ग्राम में एकित्र हुए.वे सभी अपने को स्वतंत्र घोषित किये और सिदो-कान्हु के नेतृव में महाजनों,अंग्रेज़ और अंग्रेज़ ऐजेंडो के विरुद्ध विद्रोह / लड़ने का सपथ लिया.इस गौरवपूर्ण इतिहास को हम सभी…
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