संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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राज्यवार रिपोर्टें

छत्तीसगढ़ : रावघाट रेल परियोजना के तहत आदिवासियों की ज़मीनों का जबरन अधिग्रहण

छत्तीसगढ़ के कांकेर  जिले के अंतागढ़ ब्लॉक के ग्राम पतकालबेड़ा में 17 आदिवासी परिवारों की 30 एकड़ भूमि, जिस पर उन्हें वन अधिकार मान्यता कानून के अंतर्गत व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र भी प्राप्त है, का बिना मुआवज़ा, बिना नोटिस, बिना ग्राम सभा अनुमति के दल्ली राजहरा रावघाट रेल परियोजना के तहत अधिग्रहण किया जा रहा है। वर्ष 2017 में बिना किसी सूचना या सहमति…
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पेप्सीको कम्पनी : बहुराष्ट्रीय कंपनियों की शर्तों के नीचे दम तोड़ती खेती

गुजरात के किसानो पर पेप्सी कम्पनी ने एक केस अहमदाबाद की व्यापारी कोर्ट में दर्ज करवाया जिसको लेकर अभी देश और दुनिया…

गुजरात : पेप्सिको विवाद और कांट्रेक्ट फार्मिंग

-गिरिश मालवीय नील की खेती याद है आपको!, 1917 का चंपारण आंदोलन जिसने मोहनदास करमचंद गांधी को महात्मा गाँधी बना…

छत्तीसगढ़ : बघेल सरकार में भी आदिवासियों की जमीन नियम-कानून ताक पर रखकर छीनी जा रही है

कांकेर 18 अप्रेल 2019। छत्तीसगढ़ के  कांकेर जिले में अंतागढ़ तहसील के ग्राम कलगाँव में 30 से अधिक परिवारों को बेदखली के नोटिस प्राप्त होने पर छत्तीसगढ़ बचाओ आन्दोलन ने गहरी चिन्ता व्यक्त की है। इसी गाँव की जंगल भूमि को 2017 में छत्तीसगढ़ शासन ने भिलाई इस्पात संयत्र (बीएसपी) को "अदला बदली" की फर्जी और गैर कानूनी प्रक्रिया के अन्तर्गत हस्तांतरित किया…
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उड़ीसा का एक ऐसा गांव जिसका हर निवासी जी रहा है किडनी रोग के साए में; भाग दो

उड़ीसा का एक ऐसा गांव जिसका हर निवासी किडनी रोग के साए में जी रहा है। हम यहां पर रंजना पाढी तथा राजेन्द्र सिंह नेगी…

किडनी रोग के गिरफ्त में उड़ीसा का गंजाम जिला : मोनाजाइट खनन शक के दायरे में; भाग एक

उड़ीसा के गंजाम जिले के तटीय क्षेत्र में भारत सरकार का मोनाजाइट प्लांट इस इलाके में रह रहे ग्रामीणों में फैल रहे…

157 मामलों में जेल में कैद निर्मला 12 साल बाद बिना किसी दोष के रिहा : कौन देगा बारह सालों का हिसाब

पिछले दस-पंद्रह सालों में छत्तीसगढ़ में आदिवासियों के उपर चल रहे दमन का एक बड़ा उदाहरण आज जगदलपुर में मिला जहां 12 सालों से 157 मामलों में कैद निर्मला 3 अप्रैल 2019 को जगदलपुर केंद्रीय जेल से निर्दोष साबित होने पर  रिहा  किया गया । निर्मला को 2007 में रायपुर से माओवादी होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था लेकिन 12 सालों में भी प्रशासन उन पर लगा एक…
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उड़ीसा : कॉर्पोरेट लुट के लिए राज्य और वेदांता द्वारा नियामगीरी के आदिवासियों की हत्याए और प्रताड़ना; जाँच दल की रिपोर्ट

यौन हिंसा व दमन के खिलाफ महिलाएँ (WSS) द्वारा गठित, महिला अधिकारों के लिए काम करने वाली छः एक्टिविस्टों की, एक फैक्ट फाइंडिंग टीम ने 24 मार्च से 26 मार्च, 2019 तक चले अपने दौरे में पाया है कि उड़ीसा के नियमगिरि और लांजीगढ़ क्षेत्र में आदिवासी और दलित समुदायों के अधिकारों का हनन और राज्य का दमन लगातार जारी है। जांच दल ने इस दौरे के दौरान बहुत से ऐसे…
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