संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad

मध्य प्रदेश : माधुरी बेन एक साल के लिए जिला बदर; एआईकेएमएस ने निष्कासन की निंदा

एआईकेएमएस की केंद्रीय कार्यकारी ने जागृत आदिवासी दलित संगठन की नेता माधुरी पर एक साल के निष्कासन आदेश पारित करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार की कड़ी निंदा की है। यह निष्कासन आदेश बुरहानपुर के वन और लकड़ी माफिया की ओर से विरोध कर रहे आदिवासियों पर हमले की अगली कड़ी है। पिछले 8 महीनों में लगभग 15,000 एकड़ वन भूमि में पेड़ काटे गए हैं, हजारों…
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भूमि अधिकार आंदोलन का 30 जून 2023 को वन भूमि के अनियंत्रित दोहन और वन संरक्षण अधिनियम में लगातार बढ़ते संशोधनों के विरोध में राष्ट्रव्यापी प्रतिरोध का आह्वान

भूमि अधिकार आंदोलन की तरफ से अभिवादन! हम आशा करते है कि यह पत्र आपको कुशल स्वास्थ्य और पूरे उत्साह में प्राप्त हो। हम आप सभी का एक बहुत ही महत्वपूर्ण मुद्दे की तरफ ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं और एक सामूहिक कार्यवाही की मांग करते हैं। देश भर में वन भूमि का आशातीत दोहन, पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र को गंभीर क्षति पहुँचा रहा है और परम्परागत…
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कैंपेन फॉर सर्वाइवल एंड डिग्निटी का राष्ट्रव्यापी आह्वान : 5 जून और 9 अगस्त 2023…

कैंपेन फॉर सर्वाइवल एंड डिग्निटी (सीएसडी) का राष्ट्रीय सम्मेलन 14-15 मई 2023 को नई दिल्ली के रतन आर्य पब्लिक स्कूल,…

मध्य प्रदेश : मोदी सरकार द्वारा परमाणु प्लांट की मंजूरी के बाद चुटका संघर्ष की राह…

केंद्र की मोदी सरकार ने पिछले दिनों  चार राज्यों (कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ के कैगा, राजस्थान के बांसवाड़ा के माही,…

भारतमाला-एक्सप्रेस भूमि अधिग्रहण : “जब तक नई बाज़ार दर से मुआवज़ा नहीं, तब तक नहीं देंगे ज़मीन”

बिहार के कैमूर सहित कई ज़िलों में अपनी ज़मीन के उचित मुआवज़े की मांग को लेकर किसान महीनों से आंदोलनरत हैं और इस आंदोलन की अगुवाई कर रहे हैं पूर्व कृषि मंत्री और राजद विधायक सुधाकर सिंह। पढ़िए यह एक्सक्लूसिव इंटरव्यू
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हरियाणा : बेलसोनिका यूनियन की छंटनी के खिलाफ सामूहिक भूख हड़ताल, आंदोलन तेज करने…

हरियाणा के गुरुग्राम में दिनांक 26 मार्च 2023 को बेलसोनिका यूनियन ने आठ घंटे की सामूहिक भूख हड़ताल की। मजदूर विरोधी…

हरियाणा : बेलसोनिका प्रबंधन की तानाशाही के खिलाफ बेलसोनिका मजदूर यूनियन का संघर्ष…

हरियाणा, गुड़गांव स्थित बेलसोनिका ऑटो कंपनी लगभग पिछले दो सालों से कंपनी के अंदर फर्जी दस्तावेजों के नाम पर स्थाई…

गांव तक पहुंचा, कचरे का कहर

कहा जाता है कि शहरी लोग कचरे का सर्वाधिक विसर्जन करते हैं, लेकिन अब यह व्याधि गांवों तक भी पहुंच गई है। प्रस्तुत है, इसी विषय पर प्रकाश डालता कुलभूषण उपमन्यु का यह लेख; भारतवर्ष में प्रतिदिन 28 करोड़ टन ठोस कचरा पैदा हो रहा है जिसमें से 10.95 करोड़ टन ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहा है। ग्रामीण भारत में तेजी से बदलती जीवन-शैली के चलते शहरी सुविधाएँ…
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