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अवैध खनन विरोधी आंदोलन
सिंगरौली: इंसान और ईमान का नरक कुंड
अमिलिया में एस्सार कंपनी का विरोध करती ग्रामीण औरतें
पिछले महीने मीडिया में लीक हुई एक 'खुफिया' रिपोर्ट में भारत की इंटेलिजेंस ब्यूरो ने कुछ व्यक्तियों और संस्थाओं के ऊपर विदेशी धन लेकर देश में विकास परियोजनाओं को बाधित करने का आरोप लगाया था। इसमें ग्रीनपीस नामक एनजीओ द्वारा सिंगरौली में एस्सार-हिंडाल्को की महान कोल कंपनी के खिलाफ…
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सिंगरौली: इंसान और ईमान का नरक कुंड
अधूरा पिलर, जिससे वन क्षेत्र को घेरा जाना है और उसके पीछे कंपनी के खिलाफ गोलबंद अमिलिया की औरतें…
सिंगरौली: इंसान और ईमान का नरक कुंड
अमिलिया गांव में दाहिने से विजय शंकर सिंह, कृपा यादव और बेचन लाल साहू
विकास के मॉडल पर मौजूदा बहस को और…
आई बी रिपोर्ट का इस्तेमाल कर एस्सार गांववालों को ग्रीनपीस के खिलाफ भड़का रहा है
सिंगरौली, मध्यप्रदेश, 20 जून2014। एक वन संरक्षण कार्यकर्ता को सिंगरौली पुलिस ने अमिलिया में ग्रामसभा की कार्यवाही को रिकार्ड करते हुए गैरकानूनी तरीके से हिरासत में ले लिया। सरपंच द्वारा महान संघर्ष समिति (एसएसएस) के सदस्यों के विरुद्ध मारपीट करते समय इस कार्यकर्ता ने सरपंच की फोटो खींची थी। पुलिस ने उसका कैमरा छीन लिया और कैमरे के…
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वन सत्याग्रहियों को किया सम्मानित, पर्यावरण दिवस पर लिया महान जंगल को बचाने का…
सिंगरौली। 5 जून 2014। महान जंगल क्षेत्र के ग्रामीण एक बार फिर पुलिस-प्रशासन और कंपनी के साझेदारी के खिलाफ…
सिंगरौली पुलिस-प्रशासन के खिलाफ सामाजिक संगठनों ने उठायी आवाज
बेचनलाल की रिहाई और फर्जी ग्राम सभा पर एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर लामबंद हुए सामाजिक संगठन …
सिंगरौली में पुलिसिया दमन और कंपनियों के गठजोड़ के खिलाफ जनसंगठनों की लामबंदी तेज
पुलिस की तानाशाही बनाम जनता के अधिकार के सवाल पर पूरी ताकत से बोलने
की जरुरत है। अतः आप सबसे अपील है कि आप भी इस अन्याय, आत्याचार के खिलाफ
शांतिपूर्वक तरीके से अपना विरोध दर्ज करवाने के लिए बड़ी संख्या में 19 मई
को बैढन चलें। सिंगरौली में पुलिस और कंपनियों के गठजोड़ के खिलाफ़
सोमवार 19 मई 2014 को आयोजित एक दिवसीय विरोध प्रदर्शन के लिये…
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महान, मध्य प्रदेश में पुलिसिया दमन के बाद वन सत्याग्रही गिरफ्तार
मई, 8, सिंगरौली, मध्य प्रदेश। धमकियों और घटिया रणनीति के तहत की गई ग्रीसपीस और महान संघर्ष समिति के चार…
ग्रामीणों ने जंगल में कंपनी अधिकारियों को सर्वे और पेड़ों को चिन्हित करने से रोका
सिंगरौली, 6 मई 2014। एस्सार कंपनी ने महान जंगल क्षेत्र के ग्रामीणों के अधिकारों का एक बार फिर उल्लंघन किया।…
अपनी जमीन पर बिता रहे विस्थापित जिन्दगी, कहानी पिढ़रवा गांव की
नये साल के पहले हफ्ते में जब भोपाल में शिवराज सिंह चौहान के मंत्री और विधायक विधानसभा में शपथ ले रहे थे, राज्य से गरीबी दूर करने का एलान किया जा रहा था और देश की राजधानी दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में आम आदमी की परिभाषाएँ तय हो रही थी, ठीक उसी समय भोपाल-दिल्ली से सैकड़ों-हजारों किलोमीटर दूर पिढरवा गांव के लोग अपने जमीन पर मकान न बनाने की बेबसी…
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