संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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उड़ीसा

पुलिसिया दमन के विरोध में नियामगिरी के आदिवासियों ने किया थाने का घेराव

नियामगिरी सुरक्षा समिति के सैकड़ों डोंगरिया कोंध जनजाति के लोगों ने 11 अप्रैल 2016 को पुलिस दमन के विरोध में मुनिगुड़ा पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन तहसीलदार तपन कुमार सतपथी के माध्यम से राज्यपाल को सौंपा। आदिवासियों का कहना है कि नियामगिरी पर्वत में निरंतर खनन के चलते उनकी मुश्किलें बढ़ती जा रही…
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दसरू कडरका की गिरफ्तार के विरोध में नियामगिरी आदिवासियों ने किया थाने का घेराव;…

7 अप्रैल 2016 को माओवादी होने के झूठे आरोप में गिरफ्तार नियामगिरी सुरक्षा समिति के युवा कार्यकर्ता दसरू कडरका की…

नियामगिरी आदिवासी दसरू कडरका गिरफ्तार : रिहाई के लिए आंदोलन तेज

नियामगिरी सुरक्षा समिति के पच्चीस वर्षीय कार्यकर्ता दसरू कडरका को 7 अप्रैल 2016 को मुनिगड़ा बाजार से माओवादी…

गिरता पानी खंडधार, बिक गया तो रक्तधार

ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले का सुदूर इलाका खंडधार आदिम जनजाति पौड़ीभुइयां के लिए जाना जाता है. पौड़ीभुइयां की संख्या खंडधार में अब भी कम से कम 30,000 है. अपने वजूद को बचाने के लिए ये लोग आखिरी जंग लड़ रहे हैं. यह लड़ाई इलाके को और यहां के लोगों को विदेशी कंपनियों के खनन से बचाने के लिए है. सरकार खंडधार की बची-खुची जमीन और जलप्रपात को खनन के…
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खण्डधार पहाड़ियों-झरनों को कॉरपोरेट से बचाने की लड़ाई तेज

बीती 26 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब दिल्‍ली से समूचे देश को गणतंत्र का पाठ पढा रहे थे, ठीक उसी वक्‍त…

नियमगिरी का पुर्नभ्रमण

ओडिशा स्थित नियमगिरी पहाड़ियों पर निवास करने वाले डोंगरिया-कौंध आदिवासी समुदाय ने न केवल बहुराष्ट्रीय कंपनी वेदांता को हाथ खींचने पर मजबूर कर दिया बल्कि उसकी पीठ पर हाथ रखने वाली सर्वशक्तिमान केंद्र व राज्य सरकारों को भी इस बात को बाध्य कर दिया कि वे विकास के अपने दृष्टिकोण पर पुनर्विचार करें। वैसे तो लेखक पहली बार इस स्थान पर पहुंचे थे लेकिन…
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कारपोरेट-राज के खिलाफ साझी लड़ाई के सिवा रास्ता नहीं: ढिंकिया राष्ट्रीय सम्मलेन में…

ओडिशा केजगतसिंहपुर जिले के ढिंकिया गाँव में देशभर के ज़मीनी जनांदोलन अपनी चुनौतियों और आगे की रणनीति पर चर्चा…

पोस्को विरोधी आंदोलन के समर्थन में तथा गैर-कानूनी खदानों की सी बी आई जांच की मांग…

मौजूदा समय में पोस्को प्रतिरोध संग्राम समिति के नेतृत्व में विगत दस सालों से ओडिशा के जगतसिंहपुर जिले में…

जल, जंगल, जमीन और जीविका के हक़ के लिए : लोकतंत्र की रक्षा में जनसंघर्षों का राष्ट्रीय सम्मेलन

प्राकृतिक संसाधनों, पर्यावरण और साम्प्रदायिक सद्भाव को बचाने के लिए देश भर के लगभग एक सौ पच्चीस जनांदोलन और लोकतांत्रिक समूह नवम्बर 29-30, 2014 को ओडिशा के जगतसिंहपुर के ढिंकिया गाँव में इकट्ठा हो रहे हैं। आपसे अपील है कि इस राष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल हों और इस मुहिम को आगे बढ़ाएं। भारत की नव निर्वाचित केंद्र सरकार ने यह साफ़ कर दिया है कि वह…
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