संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
.

उड़ीसा

खेत में काम कर रहे आंदोलनकारी किसान को पुलिस ने गोली मारी

ओडिसा के जगतसिंहपुर जिले के धिंकिया गांव में 2 मार्च को ओडिसा पुलिस खेत में काम कर रहे एक किसान के पैर में गोली मारकर गिरफ्तार कर ले गयी। उमाकांत बिस्वाल नाम का यह किसान पोस्को विरोधी आन्दोलन से सक्रिय तौर पर जुड़ा हुआ था। सीपीएचआरडी की ओर से महताब आलम, मनीषा सेठी, हर्ष डोभाल और कविता श्रीवास्तव की संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया…
और पढ़े...

वेदान्त कंपनी और उड़ीसा सरकार के लिए संविधान का कोई मतलब नहीं।

आंदोलनकारियों ने गणतंत्र दिवस पर मनाया ‘काला दिवस’, थाने को मानव श्रृंखला बनाकर घेरा। भूमि की लूट के विरोधी…

शोषण-अन्याय, प्राकृतिक संसाधनों की लूट एवं भ्रष्टाचार के खिलाफ : 30 जिलों में जन…

उड़ीसा राज्य के विभिन्न जनसंघर्षों ने सूचना अधिकार अभियान की पहल पर गांधी जयंती के दिन 2 अक्टूबर 2011 से 4 नवंबर…

पोस्को कम्पनी के खिलाफ तीखा हुआ संघर्ष

उड़ीसा की नयी पर्यावरण नीति: पेड़ की रक्षा करोगे तो जेल जाओगे! प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण कानून : भूमि अधिग्रहण के विरोधी दण्डित किये जायेंगे!   पोस्को स्टील प्लांट तथा जबरन भूमि अधिग्रहण के खिलाफ गोविंदपुर तथा नुआगाँव के सैकड़ो निवासी रोजाना धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच सरकार ने नुआगाँव में पेड़ काटने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सरकार…
और पढ़े...

बाक्साईट खनन के खिलाफ उड़ीसा के सबसे ऊँचे पहाड़ की चोटी पर आदिवासियों का जमावड़ा

कोरापुट, 21 मार्च 2011 को लगभग 15000 आदिवासियों तथा परंपरागत वन निवासी समुदाय के लोगों ने देवमाली रेंज में बाक्साइट खनन के खिलाफ अपनी एकता तथा ताकत का प्रदर्शन किया। यह सभी लोग कोरापुट जिले के अलग-अलग 4 ब्लॉक से देवमाली पहाड़ पर एकत्रित हुए थे, जो कि उड़ीसा की सबसे बड़ी चोटी है तथा जिसकी ऊंचाई 1673 मीटर है। यह बैठक देवमाली आंचलिक परिवेश सुरक्षा मंच…
और पढ़े...

वेदांत विश्वविद्यालय एवं वेदांता कंपनी पर कसता न्यायालयों का शिकंजा

केन्द्र के वेदांत एलुमिनियम कंपनी के लांजीगढ़ एल्युमिनियम रिफाइनरी के ताकत को 1 एमटीपीए से 6 एमटीपीए तक बढ़ाने की…

साक्षात्कार : कुमटी माझी, अध्यक्ष नियामगिरि सुरक्षा समिति

हमें विकास की रोशनी दिखायी जा रही है। कोठियों, बाजारों, सड़कों का जाल दिखाया जा रहा है। हमारी उन्नति की, समृद्धि की बात की जा रही है।. . . . . .  हमें यह सब कुछ नहीं चाहिये . . . . . हम अपनी माटी नहीं छोड़ेंगे। न जान देंगे और न जमीन देंगे। -कुमटी माझी, अध्यक्ष, नियामगिरि सुरक्षा समिति (वेदांता विरोधी संघर्ष, उड़ीसा)
और पढ़े...