संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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किसान आंदोलन

लखीमपुर खीरी हत्याकांड का एक साल : आज भी पीड़ितों को इंसाफ़ का इंतज़ार

एसकेएम ने मृतक 4 किसान और एक पत्रकार की याद में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया है। इसी तरह देशभर में किसान जगह-जगह मारे गए किसानों को शहीद के तौर पर याद करते हुए केंद्र सरकार का पुतला फूंककर अपना आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं।
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राकेश टिकैत पर हमला : किसान संगठन अपने नेताओं की सुरक्षा का इंतजाम स्वयं करें

राकेश टिकैत पर स्याई फेंके जाने की घटना की न्यायिक जांच कराए कर्नाटक सरकार सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग -डॉ…

मध्य प्रदेश : मुलताई पुलिस गोलीकांड के 24 वर्ष बाद भी जारी है किसान आंदोलन

12 जनवरी, 1998 का दिन किसानों की स्मृति में अमिट छाप छोड़ गया क्योंकि इस दिन मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने…

संघर्ष का टेम्पलेट जो किसान आंदोलन ने दिया है

संयुक्त किसान मोर्चा ने 378 दिन के बाद अपने आंदोलन को स्थगित करते हुए कहा कि ‘लड़ाई जीत ली गई है, लेकिन किसानों के हक-खास कर एमएसपी को किसानों के कानूनी अधिकार के रूप में हासिल करने का युद्ध जारी रहेगा।’ अब रद्द हो चुके तीन विवादित कृषि कानूनों के खिलाफ शुरू हुए इस आंदोलन ने इस वाक्य में अपनी सफलता और बाकी रह गए अपने लक्ष्य- दोनों को सटीक ढंग से…
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किसान आंदोलन के पूरे 13 महीने का ब्योरा : कब, कहाँ, क्या हुआ

‘378’... ये महज़ एक संख्या नहीं बल्कि वो दिन और राते हैं, जो हमारे देश के अन्नदाताओं ने दिल्ली की सड़कों पर गुज़ारी…

किसानों को न्याय दिलाने का ऐतिहासिक आंदोलन के 11 माह पूरे : दशा और दिशा

यूं तो भारत में किसान आंदोलन का इतिहास आजादी के आंदोलन से साथ जुड़ा हुआ है। आजादी के बाद भी किसान आंदोलन लगातार चलते…

उत्तर प्रदेश : बेचन यादव की आत्महत्या ने उजागर की पूर्वांचल में किसानों की तबाही- रिहाई मंच

आजमगढ़: रिहाई मंच ने आजमगढ़ के करुई गांव में कर्ज के बोझ से दबे किसान बेचन यादव की आत्महत्या के बाद मृतक के परिजनों से मुलाकात की। मंच ने कहा कि सरकार कि किसानों की आय दुगनी करने जैसे खोखलें वादों की भेंट किसान चढ़ रहा है। मृत्यु के बाद अब तक किसी प्रशासनिक अधिकारी का उनके घर न जाना किसान के प्रति प्रशासनिक संवेदनहीनता को उजागर करता है। रिहाई मंच…
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कृषि बिल के खिलाफ किसानों ने किया मई के पहले सप्ताह में संसद कूच का ऐलान

संयुक्त किसान मोर्चा ने 31 मार्च 2021 को अपना बयान जारी करते हुए कहा कि “लंबे समय से दिल्ली की सीमाओं पर बैठे…

कृषि-संकट मानवता का संकट है, वक़्त आ गया है कि देश भर के वंचित अब संसद घेर लें!

पी साईंनाथ का यह आलेख पीप्लस आर्काइव ऑफ रूरल इंडिया  पर 22 जून 2018 पोस्ट किया गया  था जो आज भी प्रासंगीक है.…

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस : महिलाओं के नाम रहा आज पूरा किसान आंदोलन

सयुंक्त किसान मोर्चा प्रेस नोट 103 वां दिन, 8 मार्च 2021 सयुंक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को 'महिला किसान दिवस" के तौर पर मनाया गया। हज़ारों की संख्या में महिला किसानों ने दिल्ली बोर्डर्स पर पहुंचकर मोदी सरकार के खिलाफ अपना रोष व्यक्त किया और नारी शक्ति का प्रदर्शन किया। कल से ही देश के अनेक हिस्सो…
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