आपदा की अनदेखी के नतीजे
दिल्ली में नकली केदारनाथ धाम खड़ा करने के मंसूबे बांधने वाले हमारे समाज को ग्यारह साल पहले उत्तराखंड के असली केदारनाथ धाम में हुई भीषण त्रासदी कितनी याद है? क्या तीर्थाटन को मौज-मस्ती के पर्यटन में तब्दील करते लाखों-लाख कथित तीर्थ-यात्रियों ने केदार घाटी की विपदा से कुछ सीखा है? आज एक दशक से ज्यादा गुजर जाने के बाद वहां की क्या हालत है? बता रहे…
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हिमाचल प्रदेश : वन अधिकारों से वंचित किन्नौर के ग्रामीण
वन अधिकार अधिनियम को लागू हुए दो दशक होने जा रहे है लेकिन हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में अभी तक 344 व्यक्तिगत…
किसान मजदूर आयोग ने जारी किया किसान एजेंडा 2024
दिल्ली, 19 मार्च 2024 को किसान मजदूर कमिशन ने दिल्ली के प्रेस क्लब में किसानों के संकट पर प्रेस वार्ता का आयोजन…
बंदरगाह के विरोध में तमिल किसान
राजनीतिक रूप से भले ही सत्ताधारी दल अलग-अलग दिखाई देते हों, लेकिन विकास के मामले में सभी में गजब की एकरूपता है। तमिलनाडु को ही लें तो वहां उत्तर भारत की भाजपा-कांग्रेस जैसी पार्टियों से सर्वथा भिन्न ‘द्रविड मुनेत्र कषगम’ (डीएमके) सत्ता पर विराजमान है, लेकिन वहां भी ‘अदानी पोर्ट्स’ सरीखी कंपनियों की अगुआई में ‘विकास’ के नाम पर ‘विनाश’ किया जा रहा…
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मध्य प्रदेश : बसनिया बांध की वापसी
कुछ साल पहले कतिपय बांधों को निरस्त कर देने की मध्यप्रदेश सरकार की घोषणा ने नर्मदा घाटी के रहवासियों को राहत दी थी,…
छत्तीसगढ़ : फर्जी मुठभेड़, हत्या, गिरफ्तारी और दमन के खिलाफ नई सरकार के समक्ष…
रायपुर। 29-30 नवंबर 2023 को कांकेर में छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन की दो दिवसीय बैठक संपन्न हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ बचाओ…
उत्तराखण्ड : सुरंग में मजदूरों का फंसना कोई अकेली त्रासदी नहीं है
अभी 28 नवंबर को करीब 17 दिन से बारामासी सड़क की निर्माणाधीन सुरंग में फंसे 41 मजदूरों का सुरक्षित बाहर निकलना कोई अकेली त्रासदी नहीं है। दुनियाभर के वैज्ञानिकों में ‘बच्चा पहाड़’ माने जाने वाले हिमालय में ऐसी त्रासदियां लगातार होती रहती हैं, लेकिन गजब यह है कि ये अधिकांश त्रासदियां प्राकृतिक न होकर मानव-निर्मित रही हैं। सुरंग-त्रासदी के पहले क्या…
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तबाह होता हिमाचल प्रदेश
मणिपुर की हिंसा की तरह पिछले पांच-छह महीनों से जारी हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की तबाही रुकने का नाम नहीं ले रही…
मध्य प्रदेश : नदी संरक्षण, सुरक्षा एवं पुनर्जीवन अधिनियम का मसौदा राष्ट्रीय नदी…
बड़वानी, 16 सितम्बर 2023; नर्मदा बचाओ आंदोलन द्वारा राष्ट्रीय नदी घाटी मंच का सम्मेलन यादव भवन नवलपुरा बडवानी में…
मध्य प्रदेश : जंगल बचा रहे अलीराजपुर के आदिवासी
आजादी के पचहत्तर साल में वन अधिकार पर अब जाकर कुछ बातें हो रही हैं और परंपरागत वनवासियों को कहीं-कहीं पट्टे दिए भी दिये जा रहे हैं, लेकिन कुछ आदिवासी इलाके ऐसे हैं जहां जंगल को बचाने का विवेक और तकनीक बरसों से कायम है। मध्य प्रदेश का अलीराजपुर ऐसा ही एक जिला है, जिसे सबसे पिछड़ा माना जाता है, लेकिन यहां के लोग अपने अधिकारों को लेकर सबसे जागरूक…
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