संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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किसान

झारखंड: किसान किसी कीमत पर अदाणी को नहीं देंगे अपनी ज़मीन

हजारीबाग के बड़कागांव ब्लॉक के पांच गांवों गोंदुलपारा, गाली, बलादार, हाहे और फूलंगा के ग्रामीणों की बहुफसली कृषि भूमि सहित जंगल और सामुदायिक भूमि को गलत तरीके से मार्च 2021 में केन्द्र की मोदी सरकार ने अदाणी कंपनी एंटरप्राइज़ लि. को हस्तांतरित किया था। इस क्षेत्र के ग्रामीण-किसान लंबे समय से अपने जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष करते आ रहे हैं।…
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कृषि बजट का विश्लेषण 2018 – 2025: खेती और किसानों की दुर्दशा क्यों!

अगर आप समझना चाहते है कि खेती और किसानों की दुर्दशा क्यों हो रही है और सरकार देश की जनता को कैसे गुमराह करती है। तो…

जलवायु परिवर्तन : खेती पर मंडराता खतरा

मौजूदा विकास के साथ जो संकट सर्वाधिक महसूस किया जा रहा है, वह है- जलवायु परिवर्तन का। जिस तौर-तरीके से हम अपना विकास करने में लगे हैं उससे धीरे-धीरे पहले प्रकृति, फिर वनस्पतियां और फिर खेती समाप्त होती जाएंगी। आम लोगों पर क्या होगा इसका असर? सप्रेस से साभार पंकज चतुर्वेदी का आलेख; जलवायु परिवर्तन की ‘अंतर सरकारी समिति’ (आईपीसीसी) की ‘जलवायु…
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किसानों की हाड़तोड़ मेहनत और सरकार की उदासीनता से बर्बाद होता आनाज

देश भर में इस साल 3 करोड 36 लाख हैक्टेयर में गेहूँ की बुआई हुईं थी। मध्यप्रदेश में इस साल 55 लाख हैक्टेयर से अधिक…