संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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तमिलनाडु

28 दिनों से दिल्ली में अनशन पर बैठे तमिलनाडु के किसानों ने PMO के बाहर कपड़े उतार किया प्रदर्शन

नई दिल्ली। दिल्ली में पिछले 28 दिनों से जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे तमिलनाडु के किसानों का सब्र आज 4 अप्रेल2017 को जवाब दे गया। पीएम मोदी से मुलाकात ना हो पाने से नाराज किसानों ने पीएम ऑफिस के पास कपडे उतारकर प्रदर्शन किया। स्थिति बिगडती देख अधिकारी 7 किसानों को पीएमओ के अंदर ले गए। वहां किसानों ने उन्हें एक अधिकारी को अपनी मांगों का ज्ञापन…
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8,856 देशद्रोही : तमिलनाडू का एक ऐसा गांव जिसका हर निवासी जी रहा है देशद्रोह के…

13 सितम्बर 2016 से हमने संघर्ष संवाद पर एक ऐसे गांव की कहानी शुरु की थी जिसके 8,856 ग्रामीण अपने गांव में…

8,856 देशद्रोही : तमिलनाडू का एक ऐसा गांव जिसका हर निवासी जी रहा है देशद्रोह के…

13 सितम्बर 2016 से हमने संघर्ष संवाद पर एक ऐसे गांव की कहानी शुरु की थी जिसके 8,856 ग्रामीण अपने गांव में…

8,856 देशद्रोही : तमिलनाडू का एक ऐसा गांव जिसका हर निवासी जी रहा है देशद्रोह के साए में; भाग दो

सितंबर 2012 में आंदोलन की एक तस्वीर 13 सितम्बर 2016 से हमने संघर्ष संवाद पर एक ऐसे गांव की कहानी शुरु की थी जिसके 8,856 ग्रामीण अपने गांव में परमाणु संयंत्र के खिलाफ विरोध करने के एवज में पिछले पांच साल से देशद्रोह का मुकदमा झेल रहे हैं। पढ़िए रिपोर्ट का दूसरा भाग; पहला भाग यहाँ पढ़े हालाँकि सुप्रीम कोर्ट के अक्टूबर…
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8,856 देशद्रोही : तमिलनाडू का एक ऐसा गांव जिसका हर निवासी जी रहा है देशद्रोह के…

तमिलनाडु के कूडनकुलम में 8,856 से अधिक लोग देशद्रोह और भारतीय राज्य के खिलाफ युद्ध छेड़ने जैसे मुकदमों में फंसाए…

ग्रीनपीस को मिली मद्रास हाईकोर्ट से राहत, एफसीआरए रद्द होने के मामले में गृह…

चेन्नई। 16 सितंबर 2015। आज भारतीय न्यायालय ने ग्रीनपीस को केन्द्रीय गृह मंत्रालय के अनुचित कार्यवायी से पांचवी बार…

समुद्र, तटों, अंतरदेशीय जल निकायों तथा मछली के स्रोतों की सुरक्षा के नारे के साथ नाव रैली

दोस्तों, मतस्य उद्योग के बढ़ते सकंट के साथ-साथ समुद्र तथा उसके तटों से पारंपरिक मछुवारों को हटाया जा रहा है। समुद्रीय तटों पर पर्यटन उद्योग की ताकतों, रियल एस्टेट तथा अन्य निर्माण क्षेत्रों का कब्जा बढ़ रहा है और यहां से पारंपरिक मछुआरों के समुदाय को विस्थापित किया जा रहा है। इन संवेदनशील क्षेत्रों को खतरनाक प्रदूषणकारी जहाज तोड़ने के…
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‘परमाणु-मुक्त भारत’ के लिए राष्ट्रीय अभियान : कन्याकुमारी से कश्मीर…

हमारी प्रकृति और भविष्य को बचाने का संघर्ष हम शुरुआत में ही यह स्पष्ट कर दें कि हम अपने सभी देशवासियों,…

कूडनकुलम सम्मेलन : परमाणु विरोधी आंदोलन की आवाज़ बुलंद

तमिलनाडु के कूडनकुलम में 4-5 जनवरी 2014 को देश भर के परमाणु संयंत्र विरोधी कार्यकर्ता ओर लोकतांत्रिक समाजकर्मी…

कुडनकुलम: सर्वोच्च न्यायालय में जनता की अवमानना

अपने हक अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे देश के लोगों का इस तरह के मामलों में सर्वोच्च न्यायालय से गुहार लगाना निर्थक है। और यह कहा जा सकता है कि अदालत खुद भी इसी सिस्टम का हिस्स है जो आकांशओं और वंचित जन समुदाय और ‘ व्यापक जनहित’ की मुख्य अवधारणा के बीच बढ़ती खाई को पाटने में पूरी तरह नाकाम रही है। इस प्रकार के मामलों में न्यायालय के समक्ष याचना…
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