संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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तमिलनाडु

जंतर मंतर पर तमिल किसान आंदोलन का 38वां दिन : नरेंद्र मोदी के नकाब वाले शख्स से खुद को कोड़े लगवा रहे किसान

नयी दिल्ली 19 अप्रेल 2017; तमिलनाडु के किसान 37 दिनों से दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। ये किसान केंद्र से अपने लोन की माफी की मांग कर रहे हैं। उन किसानों का कहना है कि उनकी फसल कई बार आए सूखे और चक्रवात में बर्बाद हो चुकी है। किसानों ने उन लोगों को मिलने वाले राहत पैकेज पर भी पुनर्विचार करने के लिए कहा है। किसानों की यह भी मांग है…
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पिछले एक माह से दिल्ली में अनशन पर बैठे तमिल किसानों की वे तस्वीरे जो आपको विचलित…

लिल्ली पॉल अगर ये चित्र आपको विचलित करे तो अच्छा है आखिर कब तक हम और आप चैन से जिएंगे वो भी तब जब इस देश के…

28 दिनों से दिल्ली में अनशन पर बैठे तमिलनाडु के किसानों ने PMO के बाहर कपड़े उतार…

नई दिल्ली। दिल्ली में पिछले 28 दिनों से जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे तमिलनाडु के किसानों का सब्र आज 4…

8,856 देशद्रोही : तमिलनाडू का एक ऐसा गांव जिसका हर निवासी जी रहा है देशद्रोह के साए में; भाग चार

13 सितम्बर 2016 से हमने संघर्ष संवाद पर एक ऐसे गांव की कहानी शुरु की थी जिसके 8,856 ग्रामीण अपने गांव में परमाणु संयंत्र के खिलाफ विरोध करने के एवज में पिछले पांच साल से देशद्रोह का मुकदमा झेल रहे हैं। पढ़िए रिपोर्ट का अंतिम और चौथा भाग; पहला भाग यहाँ पढ़े …
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8,856 देशद्रोही : तमिलनाडू का एक ऐसा गांव जिसका हर निवासी जी रहा है देशद्रोह के…

13 सितम्बर 2016 से हमने संघर्ष संवाद पर एक ऐसे गांव की कहानी शुरु की थी जिसके 8,856 ग्रामीण अपने गांव में…

8,856 देशद्रोही : तमिलनाडू का एक ऐसा गांव जिसका हर निवासी जी रहा है देशद्रोह के…

सितंबर 2012 में आंदोलन की एक तस्वीर 13 सितम्बर 2016 से हमने संघर्ष संवाद पर एक ऐसे गांव की कहानी…

8,856 देशद्रोही : तमिलनाडू का एक ऐसा गांव जिसका हर निवासी जी रहा है देशद्रोह के साए में; भाग एक

तमिलनाडु के कूडनकुलम में 8,856 से अधिक लोग देशद्रोह और भारतीय राज्य के खिलाफ युद्ध छेड़ने जैसे मुकदमों में फंसाए गए हैं. आज़ादी के बाद देशद्रोह के मुकदमे इतनी बड़ी संख्या में कूडनकुलम शांतिपूर्ण आंदोलन के खिलाफ लगाए गए हैं, इससे ही यह पता चलता है कि आज की सरकार का लोगों के जीवन व स्वास्थय, प्राकृतिक संसाधनों और उनकी जीविका तथा सुरक्षा को लेकर…
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ग्रीनपीस को मिली मद्रास हाईकोर्ट से राहत, एफसीआरए रद्द होने के मामले में गृह…

चेन्नई। 16 सितंबर 2015। आज भारतीय न्यायालय ने ग्रीनपीस को केन्द्रीय गृह मंत्रालय के अनुचित कार्यवायी से पांचवी बार…

समुद्र, तटों, अंतरदेशीय जल निकायों तथा मछली के स्रोतों की सुरक्षा के नारे के साथ…

दोस्तों, मतस्य उद्योग के बढ़ते सकंट के साथ-साथ समुद्र तथा उसके तटों से पारंपरिक मछुवारों को हटाया जा रहा है।…

‘परमाणु-मुक्त भारत’ के लिए राष्ट्रीय अभियान : कन्याकुमारी से कश्मीर रेल यात्रा, नवम्बर 7 से 17, 2014

हमारी प्रकृति और भविष्य को बचाने का संघर्ष हम शुरुआत में ही यह स्पष्ट कर दें कि हम अपने सभी देशवासियों, खासकर गरीबों समेत, अपने देश का विकास चाहते हैं. इसलिए हम ऊर्जा उत्पादन करने वाली योजनाओं और प्रकल्पों का समर्थन करते हैं. हम सिर्फ यह कह रहे हैं कि हमें ऊर्जा का उत्पादन सूरज, वायु, जलधाराओं और कचरे इत्यादि से करना चाहिए ताकि हमारी…
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