संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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वनाधिकार

आदिवसियों को जंगलों से उजाड़े जाने का प्रतिरोध करें : देशव्यापी विरोध प्रदर्शन में 22 जुलाई 2019 को शामिल हों

13 फरवरी 2019 को आदिवासियों को उनके जंगलों से उजाड़े जाने के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर भले ही सर्वोच्च न्यायालय ने खुद ही स्टे लगा दिया हो फिर भी वन विभाग अभी लोगों को उनकी जमीनों से उजाड़ रहा है। इस प्रक्रिया के दौरान कई स्थानों पर आदिवासियों के साथ हिंसक झड़पें भी हुई हैं। दिल्ली में 1 और 2 जुलाई, 2019 को आयोजित भूमि और वन अधिकार आंदोलनों के…
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छत्तीसगढ़ : सुप्रीम कोर्ट के जंगल खाली करने के फैसले के खिलाफ बस्तर में प्रदर्शन

कांकेर (छत्तीसगढ़)- गुजरी 2 जुलाई 2019 को आदिवासी समाज ने रैली निकालकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध कर कहा जल जंगल जमीन पर जमारा हक है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा लिये निर्णय को वापस लेने और वन अधिकार अधिनियम 2005-06 को पुनः लागू करने की मांग को लेकर कोयलीबेड़ा विकासखंड के आदिवासी समाज ने कंदाड़ी गांव में रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया गया है।आदिवासी…
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छत्तीसगढ़ की बघेल सरकार का एक और कारनामा : आदिवासियों के पारंपरिक तीर-धनुष जब्त…

छत्तीसगढ़ की बघेल सरकार द्वारा अडानी के लिए सरगुजा में बंदूक की नोक पर जबरन अधिग्रहित की जा रही जमीन का मामला अभी…

अंग्रेजों से भी बेरहम साबित हुई भारत की न्यायपालिका

कुछ लोग इस भ्रम में रहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट या हमारी न्याय व्यवस्था भगवान शंकर के त्रिशूल पर बसी काशी नगरी जैसी…

झारखण्ड : लाखों आदिवासियों को जंगल से जबरन बेदखल करने के खिलाफ पुतला दहन; अल्बर्ट…

आईये, हज़ारों में . . . आदिवासियों के जबरदस्त बेदखल के खिलाफ केंद्रीय आदिवासी मोर्चा की ओर से आयोजित प्रदर्शन…

भारत के आदिवासियों को उनके जंगल से बेदखल करने वाले सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ विरोध प्रदर्शन; 2 मार्च को

साथियों, सुप्रीम कोर्ट ने 13 फरवरी को एक ऐसा आदेश जारी किया है जो संभवतः आजाद भारत के इतिहास में आदिवासियों के खिलाफ तंत्र की तरफ से सबसे बड़ी कार्यवाही साबित होगी। सुप्रीम कोर्ट ने 16 राज्यों के 10 लाख से अधिक आदिवासी और वनवासी परिवारों को जंगलों से बेदखल करने का आदेश दिया है। न्यायालय के आदेशानुसार यह कार्य मामले की अगली तारीख यानी 27 जुलाई से…
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