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विस्थापन विरोधी आंदोलन
अपने ही नागरिको को तिल-तिल कर मरने पर मजबूर करती मजबूत सरकार
मध्य प्रदेश के पन्ना टाईगर रिजर्ब अभ्यारण्य के अन्तर्गत आने वाले गॉंव उमरावन ग्राम पंचायत बडौर जिला पन्ना को हटाने के लिये सरकार और प्रशासन द्वारा पिछले तीन साल से अमानवीय तरीके आपनाये जा रहे है, गॉंव वालों के खेतों में खेती करने पर प्रतिबंध लगा दिया, मनरेगा के सभी काम बन्द कर दिये गये, 2015 से गॉंव के सभी विकास के कार्यों को बन्द कर दिया…
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विरोध के बीच केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट मंजूर
जुड़ती नदियाँ, बिखरता जीवन: केन-बेतवा नदीजोड़ परियोजना और आदिवासी विस्थापन
देश की तीस चुनिन्दा नदियों को…
रिकोङ्ग्पिओ में कब्जा हटाओ अभियान के विरुद्ध विशाल विरोध प्रदर्शन
हिमालय
नीति अभियान
हिमलोक
जागृति मंच
वन
अधिकार संघर्ष समिति किनौर
प्रेस विज्ञप्ति
रिकोङ्ग्पिओ
में कब्जा हटाओ…
झारखंड के मूलवासी – आदिवासियों का ऐलान : न जान देंगे, न जमीन देंगे !
रंजीत वर्मा की कविता ‘यह जमीन ही है’ कि शुरुआती पंक्तियां -
जरूरी है पढ़ाई-लिखाई
लेकिन इससे भी ज्यादा जरूरी है सीखना
होती है क्या हक की लड़ाई
जरूरी है कमाई-धमाई
जोड़ना पाई-पाई
लेकिन इससे भी ज्यादा जरूरी है
बचानी अपनी जमीन
जिसे पुरखों से
समझते आ रहे हैं हम अपनी माई
और इसी कविता की अंतिम पंक्तियां कुछ इस प्रकार है-
लेकिन पैदा करती है…
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गढ़वा में प्रस्तावित कनहर बांध पर छत्तीसगढ़ सरकार अपनी स्थिति स्पष्ट करें- माकपा
रायपुर। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने झारखंड के गढ़वा जिले में कनहर नदी पर प्रस्तावित बांध के संबंध में…
16 मई के बाद की बदली परिस्थिति और सांस्कृतिक चुनौतियां पर राष्ट्रीय संगोष्ठी :…
मित्रों,जैसा कि आपको पता होगा कि 16 मई, 2014 को इस देश में निज़ाम बदलने के बाद कुछ कवियों, पत्रकारों और…
जल सत्याग्रह का 32वां दिन : फिर दिखाईं अतिक्रमित जमीने
आज 12 मई को 32 वें दिन जल सत्याग्रह जारी है, लोगों के पैर गलने लगे , हालत ख़राब होने लगी, पैर लहुलुहान होने लगे ,
बुखार की शिकायत और अन्य तकलीफे होने लगी लेकिन सरकार की बेरुखी से और
असंवेदनशीलता से लोगों में रोष फैलता जा रहा है । दूर दूर से आ कर लोगों ने जल
सत्याग्रह को अपना समर्थन व्यक्त किया । वही देश के 100…
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नर्मदा घाटी के सरदार सरोवर के प्रभावित क्षेत्रो में पुनार्वास के दावे खोखले : जाँच…
बडवानी, मई 11, 2015, नर्मदा घाटी में सरदार सरोवर बाँध से विस्थापितों का पूर्ण पुनर्वास (जैसा सरकार ने…
नर्मदा के संतानों की रूहें !
- जावेद अनीस
कई सालों से देश के किसान मुसलसल आत्महत्या कर रहे हैं लेकिन किसानों के इस देश में यह एक मुद्दा तब बन पाया जब एक किसान का बेटा लुटियंस की दिल्ली में ठीक हुक्मरानों के सामने खुदकशी कर लेता है। इसके बाद देश भर में भूमि अधिग्रहण कानून और किसान आत्महत्या से जुड़े मुद्दे कुछ समय के लिए बहस के केन्द में तो आ जाते हैं लेकिन इसकी…
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