संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad

जेएनयू के समर्थन में विशाल प्रतिरोध मार्च, गुलाब से संघी गुंडागर्दी का जवाब

नयी दिल्ली : जवाहरलाल नेहरू विश्विविद्यालय (जेएनयू) में देशविरोधी नारेबाजी को मुद्दा बनाकर पूरे संस्थान की छवि खराब…

अंबानी को 1072 करोड़ और किसान के मृत परिवार को 6775 रुपये

गुजरात में फसल खराब होने की वजह से किसान आत्महत्या कर रहे है इस बात का हमेशा से मना करती आ रही गुजरात सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में फसल खराब होने के कारण आत्महत्या करने वाले किशान को फसल खराबी की बीमा राशी का भुगतान किया होने का स्वीकार किया है.( ये रासी उसे ज़िंदा होने वक्त नहीं दी गई) गोरतलब है की जामनगर की रिलायंस इंडस्ट्रीज का 1 हजार 72 करोड़ का…
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सिरसा नदी में न प्राण बचे और न प्राणी : औद्योगिक कचरे ने किया नदी को जहरीला

पिछले कुछ वर्षों में हिमाचल प्रदेश ने स्वयं को विकसित औद्योगिक राज्य की श्रेणी में लाने के लिए अपनी पर्यावरणीय…

दीपक चौरसिया का ‘उन्माद’ और फ़ासीवाद के ख़ूनी पंजों में बदलता मीडिया !

जेएनयू में चंद सिरफिरों की नारेबाज़ी को राष्ट्रीय संकट के तौर पर पेश कर रहे न्यूज़ चैनल और अख़बार आख़िर किसका काम…

जेएनयू में बाल भी बांका न कर पाएगी शासन की बंदूक

बाबा नागार्जुन की चर्चित कविता – यह जेएनयू नवल-नवेलियों का उन्मुक्त लीला-प्रांगण यह जेएनयूअसल में कहा जाए तो कह ही डालूँ बड़ी अच्छी है यह जगह बहुत ही अच्छी और क्या कहूँ…सोचता हूँ मैं भी ले लूँ दाखिला ‘टिब्बेटियन’ लेने पर क्यों कोई एतराज करेगा डाक्टर विमला प्रसाद डाक्टर नामवर… डाक्टर मुजीब… ये सब तो रिकमेंड करेंगे ही तब नए सिरे से उपनयन…
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अदालत में संघी हिंसा, न्याय हुआ शर्मसार; यह वीडियो ज़रूर देखें

15 फ़रवरी को पटियाला हाउस कोर्ट में जेएनयू छात्रों के साथ पत्रकारों को भी पीटा गया जिसके विरोध में 16 फ़रवरी को…

लोकतंत्र की हत्यारी मोदी सरकार के विरोध में बिहार में प्रदर्शन

लोकतंत्र की हत्यारी मोदी सरकार मूर्दाबाद। जे एन यू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार को रिहा करो। छात्रो पर हमला…

विश्वविद्यालय बनाम सरकार : सरकार बनाम देश

क्या भाजपा जेएनयू को अपना ख़ास देशी थीआनमेन स्क्वायर बनाना चाहती है? आखिर वह कौन सी चीज है जो सत्ता के सर्वोच्च शिखरों को एक विश्वविद्यालय के खिलाफ एकतरफा युद्ध जैसी स्थिति में उतार देता है? यदि जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय का नाम दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय या श्यामाप्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय होता क्या तब भी भाजपा का यही रुख रहता? लम्बे समय से…
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