श्रीकाकुलम में थर्मल पॉवर प्लांट के विरोध में संघर्ष पुलिस फायरिंग में 3 किसानों की मौत
श्रीकाकुलम में थर्मल पावर प्लांट के विरोध में खड़े गांव वालों, किसानों, मछुआरों के ऊपर आंध्र प्रदेश पुलिस ने जुलाई 2010 के बाद फरवरी 2011 में फिर से अपना दमनात्मक रुख दिखाया। आंध्र प्रदेश सरकार एवं पुलिस शायद यह सोच रखती है कि ‘विकास बंदूक की नोक से’ ही गुजर कर आता है, अतएव अपने जीवन, आजीविका एवं संसाधन को बचाने के लिए शांतिपूर्ण तरीके से क्रमिक…
और पढ़े...
जापान के बाद जैतापुर में बढ़ी हाय तौबा
जापान में परमाणु हादसे के बाद जैतापुर परमाणु ऊर्जा परियोजना का विरोध ओर तेज हो गया है। विरोध कर रहे लोगों का कहना…
निरमा सीमेंट कम्पनी तथा भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन
गुजरात के भावनगर जिले में एक सीमेंट कारखाना लगाने के फैसले के विरोध में 12 गांवों के 5000 से अधिक किसानों की…
संपादकीय, मार्च 2011
चेरनोबिल परमाणु संयंत्र की दुर्घटना के 25 साल पूरे होते-होते जापान की मौजूदा प्राकृतिक विभीषिका हमारे सामने है। जापान में आये भूकम्प तथा परमाणु संयंत्रों से होने वाले रेडिएशन से भी दुनिया के शासक सबक सीखने को तैयार नहीं हैं। चर्चाओं, लेखों और बयानों में यह कहा जा रहा है कि इस तरह की दुर्घटनायें संभावित हैं, जरूरत इन स्थितियों से निपटने की…
और पढ़े...
रेल विस्तार परियोजनायें : भूमि अधिग्रहण का तीखा विरोध
सिंगूर और नंदीग्राम के प्रस्तावित भूमि अधिग्रहणों पर ग्रहण लगाने के बाद हाबड़ा के सांकराइल, बोलपुर, हुबली के…
सम्मेलन – उदास मौसम के खि़लाफ
29 नवंबर 2010, रवींद्रालय, लखनऊ
30 सितंबर, 2010 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ द्वारा बाबरी मस्जिद और…
गंगा एक्सप्रेस वे विरोधी आंदोलन
गाँवों-गाँवों में किसान शांति सेना का गठन हुआ प्रारंभ
कृषि-भूमि बचाओ मोर्चा उ. प्र. द्वारा अगस्त-सितंबर, 2010 में सघन जनजागरण एवं बड़ी-बड़ी जन सभायें की गयीं। उ. प्र. सरकार द्वारा गंगा एक्सप्रेस वे परियोजना के लिए तत्काल भूमि अधिग्रहण की मंशा से गाजीपुर जनपद की तीनों प्रभावित तहसील सैदपुर, सदर व मुहम्मदाबाद में तहसीलदार की अध्यक्षता में भूमि…
और पढ़े...
भूमि अधिग्रहण स्वीकार्य नहीं : सीमेंट प्लांट विरोधी आंदोलन, नवलगढ़
किसानों ने घेरा तहसील, छात्रों से पुलिस की धक्का-मुक्की
यदि हुआ भूमि अधिग्रहण तो घड़साना जैसे हालात- का. अमराराम…
साक्षात्कार : कुमटी माझी, अध्यक्ष नियामगिरि सुरक्षा समिति
हमें विकास की रोशनी दिखायी जा रही है। कोठियों, बाजारों, सड़कों का जाल दिखाया जा रहा है। हमारी उन्नति की, समृद्धि…
साक्षात्कार : अभय साहू, अध्यक्ष पोस्को विरोधी संघर्ष, उड़ीसा
आज हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि गिरफ्तारियों तथा फर्जी मुकदमों का सामना कैसे करें? पांच वर्ष तक जनता ने अपनी कुर्बानियों तथा संघर्षों के बल पर पोस्को कम्पनी को एक इंच ज़मीन पर भी काबिज नहीं होने दिया फिर भी सरकारें जनता की भावनाओं, आकांक्षाओं को नजरअंदाज कर रही हैं। हकीकत यह है कि हमारी सरकारें अमरीकी दादागीरी के समक्ष नतमस्तक हैं।…
और पढ़े...