संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad

कनहर नदी पर बँध रहे बाँध की त्रासदी

सोनभद्र का विकास वनाम विस्थापन    सोनभद्र का इलाका औद्योगिक  विकास के लिहाज से प्रदेश में एक बडी हैसियत रखता है। यह अलग बात है कि आदिवासियों को इसका फल निरंतर विस्थापन व बदहालियों के घनीभूत  हो जाने के रुप में मिलता रहा है। रेनुकूट स्थित हिन्डालको एशिया का सबसे बड़ा एल्यूमिनियम संयंत्र है। बिड़ला समूह के इस  उपक्रम में 5000 से भी अधिक मजदूर…
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तीन राज्यों के 80 गांवों/बस्तियों को जल समाधि देने एवं कनहर तथा पाँगन नदियों की…

उत्तर प्रदेश सरकार का यह विकास का मन्दिर नहीं स्वीकार लोगों को. ‘‘धरती मैया की जय’’ के नारे के साथ कनहर बचाओ…

नवलगढ़ के किसान आंदोलन में विभिन्न ताकतों की भूमिका पर रपट

तीन मुनाफ़ाख़ोर बनाम हज़ारों लोग: जंग जारी है लोग लड़ रहे हैं अपनी जमीनें बचाने की लड़ाई सरकारी शह पर सीमेण्ट…

किसानों का विधान सभा के समक्ष प्रदर्शन एवं धरना

नवलगढ़ के आंदोलनकारी किसान 16 मार्च 2011 को जयपुर शहर के 22 गोदाम पुलिया के नीचे एकत्रित होकर अपना जुलूस बनाकर विधान सभा के समक्ष प्रदर्शन करने के लिए आगे बढ़े। प्रदर्शनकारी ‘‘भूमि-अधिग्रहण वापस लो’’, ‘‘सरकार और कम्पनियों की तानाशाही नहीं चलेगी’’, ‘‘कम्पनियों से यारी, किसानों से गद्दारी नहीं चलेगी’’ तथा ‘‘किसान मजदूर एकता जिंदाबाद’’ का नारा लगाते…
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जल विद्युत परियोजनाओं के विरुद्ध संघंर्ष जारी, प्रदर्शन कर आन्दोलनकारियों की…

उच्च न्यायालय के फैसले से मिला संबल अन्ततः उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने टिहरी जिले की घनशाली तहसील में भिलंगना…

कारपोरेट, कंपनियों तथा भू-माफियाओं के सामने झारखण्ड सरकार ने टेके घुटने

छोटानागपुर टेनेंसी एक्ट तथा संथाल परगना टेनेंसी एक्ट को सख्ती से लागू करने की मांग को लेकर जारी संघर्ष  …

पांच साल में आठ लाख हैक्टेयर घटी कृषि भूमि

भारत में कृषि भूमि पिछले पांच साल में 0.43 प्रतिशत घटकर 18 करोड़ 23.9 लाख हैक्टेयर रह गई है। कृषि भूमि के व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए हस्तांतरण की वजह से ऐसा हुआ है। देश में बड़े पैमाने पर भवनों, सड़कों और रेलवे को कृषि भूमि का हस्तांतरण हो रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2003-2004 में भारत में कुल कृषि भूमि 18 करोड़ 31.9 लाख हैक्टेयर थी, जो…
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भूमि अधिग्रहण तथा प्रस्तावित योजना के बारे में जानकारी लेने की कोशिश सूचना अधिकार…

मित्तल विरोधी आंदोलन की जुझारू नेता, स्वतंत्र पत्रकार तथा आदिवासी मूलवासी अस्तित्व रक्षा मंच की नेता दयामनी बारला…

कांटी बांध : स्थानीय निवासियों, भू- स्वामियों को बताने तथा भूमि अधिग्रहण की सूचना…

·         सर्वे करने गये लागों को खदेड़ा ग्रामीणों ने। ·         ठेकेदार की मशीनें की गयीं वापस। ·          …

भूमि अधिकार के लिए निकाली पद यात्रा

एक ओर जहां भूमि अधिग्रहण ने लोगों को उनकी जमीनों से उखाड़ दिया है वहीं पटना में ‘भूमि अधिकार आंदोलन’ की ओर से 10 दिनों की एक लम्बी पद्यात्रा का आयोजन वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया। पदयात्रा की मुख्य मांग थी ‘‘बेघरों को भूमि और बटाईदारों को जोत का हक दो।’’ भूमि सुधार के मसले पर बनी डी0 बंदोपाध्याय आयोग की प्रगतिशील सिफारिशों को लागू…
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