संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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उत्तराखंड में चल रहे संघर्षो की दास्तान

‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'श्रमेव जयते' नारे का पर्याय है- श्रम का सम्मान नहीं, श्रम की पहचान नहीं। दरअसल मोदी का 'मेक इन इण्डिया' और 'श्रमेव जयते' श्रम कानूनों को कमजोर करके श्रम के शोषण के लिये ताले खोलने का अभियान है जिससे काॅरपोरेट मनमाने तरीके से श्रम की लूट कर सकें। 'अखिल भारतीय…
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केदारघाटी आपदा पीड़ित: अभी भी पुनर्वास के इंतजार में !

उत्तराखंड के केदारघाटी में पिछले साल आयी त्रासदी में विस्थापित हुये लोग अभी भी इस भयानक ठंड में टेंटों…
यह मांग उठी है केदारघाटी (उत्तराखण्ड) के अगस्त्यमुनि कस्बे से । केदार घाटी में हुए जल प्रलय में अगस्त्यमुनि नगर पंचायत के विजयनगर, सिल्ली, गंगानगर, पुराना देवल आदि स्थानों में भारी नुक्सान पहुंचा था। बड़ी-भारी संख्या में लोग बेघर हो गए, लोगों की सम्पत्ति नष्ट हो गयी, होटल, लॉज आदि बह गए।…
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कोकाकोला संयंत्र: राष्ट्रीय हित में कारपोरेटी लूट को न्यौता

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से 32 कि.मी. दूर छारबा गांव में कोकाकोला संयंत्र लगाने की अनुमति देकर राज्य सरकार…
उत्तराखंड को भारत का ''वाटर टैंक'' कहा जाता है और अब वहां 500 से अधिक बांधों के निर्माण की योजना बन रही है। वैसे कुछ पर काम शुरु भी हो गया है। भरपूर पानी वाले क्षेत्र में लोग अब पीने के पानी को भी तरस रहे हैं। ऐसी आत्मघाती योजनाओं को उद्घाटित करता सुरेष भाई का महत्वपूर्ण आलेख; उत्तराखण्ड…
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उच्च न्यायालय के फैसले से मिला संबल अन्ततः उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने टिहरी जिले की घनशाली तहसील में भिलंगना नदी पर ‘स्वाति पावर इंजीनियरिंग लि.’ द्वारा बनाई जा रही जल विद्युत परियोजना की केन्द्र सरकार से पुर्नसमीक्षा कर तीन माह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। इस परियोजना से…
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