संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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झारखण्ड

झारखण्ड : आदिवासियों के प्राकृतिक संसाधनों तथा मानवाधिकारों पर हमले के खिलाफ जनसम्मेलन; 27-28 जुलाई 2018

झारखण्ड : आदिवासियों के प्राकृतिक संसाधनों तथा मानवाधिकारों पर हमले के खिलाफ जनसम्मेलन स्थान : थेलोजिकल हाल, जी.ई.एल. चर्च कम्पाउंड, रांची (झारखण्ड) 27 जुलाई: 10 बजे से कार्यकर्म शुरू किया जायेगा। 28 जुलाई 12 बजे तक कार्यकर्म चलेगा। भाईयों एंव बहनों, हम सभी जानते है की सांप, बिच्छू, भालू से लड़कर जंगल-झाडी को साफ़ कर हमारे पूर्वजों ने…
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अब की बार भगवा गुडों की सरकार : स्वामी अग्निवेश हुए भगवा आतंक के शिकार

जन आंदोलनों का राष्ट्रीय समन्वय, सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश पर हुए हमले की कड़ी निंदा और अविलम्ब…

झारखण्ड : आदिवासियों ने मानव श्रृंखला बनाकर भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल का किया विरोध

झारखण्ड, रांची 15 जुलाई 2018। जोहार रांची ने फेसबुक पोस्ट के जरिये बयान जारी किया है कि भूमि अधिग्रहण बिल में…

झारखण्ड सरकार ने अडानी के लिए बदली ऊर्जा निति : अडानी को 7410 करोड़ का फायदा

गिरीश मालवीय ने फेसबुक पोस्ट के जरिये अडानी पॉवर प्लांट का मसला उठाया है। उन्होंने जिक्र किया है कि अडानी के पॉवर प्लांट के लिए राज्य सरकार की जेब पर हर साल 296.40 करोड़ रु का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है. समझौता 25 साल के लिए हुआ है. इस लिहाज से देखें तो यह अतिरिक्त बोझ कुल मिलाकर 7410 करोड़ रु का होगा। गिरीश मालवीय ने लिखा है कि इस पावर प्लांट से…
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भूमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक के खिलाफ झारखण्ड बंद, 10,000 लोग गिरफ्तार

भूमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक के विरोध में आज झारखंड बंद रखा गया था। प्रदेश के ज्यादातर जिलों में अधिकतर दुकानें बंद…

बड़कागांव गोलीकांड : एनटीपीसी के जीएम समेत पच्चीस पर हत्या का मुकदमा दर्ज

हाईकोर्ट के निर्देश पर बड़कागांव थाना में दर्ज हुआ मामला हजारीबाग 4 जुलाई 2018।  भारत सरकार की महारत्न कंपनी…

झारखण्ड सरकार ने बंद को असंवैधानिक और गैरकानूनी घोषित किया : पुलिस ने जारी किया विरोध में पोस्टर

झारखंड बंद को भले ही सभी विपक्षी दलों का समर्थन प्राप्त है. लेकिन पुलिस-प्रशासन कुछ ज्यादा ही सर्तक और चौकस दिखे. बंद समर्थकों से निपटने के लिए हर गली-मुहल्ले में तैनात पुलिसबलों के अलावे रांची पुलिस ने पोस्टर जारी कर भीड़ जमा नहीं करने की हिदायत दी है. पोस्टर में साफ लिखा गया है कि मजमा नाजायज है, शीध्र तितर-बितर हो जाये, नहीं तो बल प्रयोग किया…
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झारखण्ड कैबिनेट का फैसला : अब भरना होगा गैर मजरूआ जमीन का लगान

रांची 4 जुलाई 2018. प्रभात खबर के अनुसार राज्य सरकार ने गैर मजरूआ जमीन की लगान रसीद काटने का फैसला किया है। 3 जुलाई…

पत्थरगढ़ी को निशाना बनाने के लिए हथियार बनाया गया पांच महिलाओं के बलात्कार का…

झारखण्ड के खूंटी ज़िले के कोचांग गांव में पिछले दिनों मानव तस्करी के ख़िलाफ़ नुक्कड़ नाटक करने गईं पांच युवतियों को…

‘पत्थलगड़ी’ को लेकर झारखंड में आखिर राजनीती क्यों ?

पत्थलगड़ी उन पत्थर स्मारकों को कहा जाता है जिसकी शुरुआत इंसानी समाज ने हजारों साल पहले की थी। यह एक पाषाणकालीन परंपरा है जो आदिवासियों में आज भी प्रचलित है। माना जाता है कि मृतकों की याद संजोने, खगोल विज्ञान को समझने, कबीलों के अधिकार क्षेत्रों के सीमांकन को दर्शाने, बसाहटों की सूचना देने, सामूहिक मान्यताओं को सार्वजनिक करने आदि उद्देश्यों की…
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