संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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महाराष्ट्र

गडचिरौली में विस्थापन विरोधी संघर्ष को मजबूत बनाने का ऐलान

पिछले कही सालों से सरकार निजी कंपनियों द्वारा महाराष्ट्र के गडचिरोली के सुरजागड, आगरी-मसेली, बांडे, दमकोंडवाही आदि जगहों पर लौह खनन चालू करने के प्रयास कर रही है. जिसका स्थानिक जनता जोरदार विरोध कर रही है. लोगो को बहकाने की, उन्हें खरीदने की हर एक कोशिश विफल होती देख विरोध करती जनता पर दमन किया जा रहा है। स्थानीय जनता का मानना है कि गडचिरौली…
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कबीर कला मंच के साथियों को मिली जमानत : चार साल का कारावास भी नहीं दबा पाया…

3 अप्रैल 2013 को कबीर कला मंच के सदस्य शीतल साठे और उनके पति सचिन माली को महाराष्ट्र पुलिस ने नक्सल समर्थक होने…

महाराष्ट्र : गड़चिरौली में ग्रामसभाओं का ऐलान जीवन और संस्कृती बचाने के लिए जान…

महाराष्ट्र के गड़चिरौली जिले में जहां पर एक दर्जन से ज्यादा खदानें प्रस्तावित हैं। इन खदानों की वजह से उस इलाके…

गढ़चिरोली विनाश की ओर : स्थानीय समुदायों का पुरजोर विरोध

देश के आदिवासी इलाकों में जमीन के नीचे दबी खनिज संपदा को विकास के नाम पर कॉर्पोरेट शक्तियों के हाथों में सौंपने का सिलसिला चल रहा है। इस प्रक्रिया में न सिर्फ उस इलाके के आदिवासी और पर्यावरण का विनाश हो रहा है बल्कि बाकि सभी मेहनतकश समुदायों को रोजी रोटी से उजाड़ा जा रहा है.. जिंदगी से उजाड़ा जा रहा है..."। इसी क्रम में अब बारी है महाराष्ट्र के…
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शांति समानता और जनवाद के नारे पर आधारित होगी समाजवादी एकजुटता : 21-22 अक्टूबर 2016…

मुंबई | अक्टूबर 18, 2016 पिछले एक सालभर में देश में तथा महाराष्ट्र में जो घटित है, उससे हमारा देश, समाज…

जबरन अवैध खनन के लिए गडचिरोली, महाराष्ट्र के आदिवासियों पर बर्बर हिंसा

इस पूंजीवादी-साम्राज्यवादी-फ़ासीवादी लुट का विरोध करे.. ‘मेक इन इंडिया’, ‘मेक इन गडचिरोली’ के झूठे वादों का…

‘मेक इन इंडिया’ नहीं यह ‘लूट इन इंडिया’ है : कार्पोरेटस को श्रम और प्राकृतिक संसाधनों की लूट की छूट

विस्थापन विरोधी जनविकास आंदोलन के बैनर तले ‘मेक इन इंडिया’ का धोखा पर एक दिवसीय सेमिनार नागपुर में 29 अगस्त, 2016 को आयोजित कि गई। सेमिनार में छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिसा, मध्य प्रदेश, चंडीगढ, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, हरियाणा, महाराष्ट्र आदि राज्यों से जमीन अधिग्रहण के खिलाफ लडाई लड़ रही जनता ने भागेदारी की जिसमें वकील, मानवाधिकार कार्यकर्ता,…
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‘मेक इन इंडिया’ का धौखा : राष्ट्रीय सेमिनार, 29 अगस्त 2016, नागपुर,…

'मेक इन इंडिया' में औद्योगिक गलियारे , 'स्मार्ट सिटी' परियोजना, डिजिटल भारत और स्टार्ट अप इंडिया का सपना…

महाराष्ट्र : बीजेपी सरकार ने दलितों की जमीन छीन बाबा रामदेव को दी

गरिमा शर्मा महाराष्ट्र की बीजेपी सरकार ने अमरावती, कटोल, गड चिरोली में फ़ूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने…

19 तथ्य जैतापुर परमाणु ऊर्जा प्लांट पर आपत्ति दर्ज करते है

महाराष्ट्र के रत्नागिरी शहर से 60 किमी. दूर स्थित जैतापुर गांव में विश्व की सबसे बड़ी परमाणु ऊर्जा की परियोजना सन् 2005 से प्रस्तावित है। परियोजाना के खिलाफ स्थानीय निवासी शुरू से ही संघर्षरत है। लेकिन सरकार लाखों लोगों की सुरक्षा, रोजगार एवं जैव-विविधता को खतरे में डालकर 9900 मेगावाट बिजली पैदा करना चाहती है। यह जानते हुए कि ज्यादातर विकसित देश…
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