संघर्ष संवाद
Sangharsh Samvad
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विस्थापन विरोधी आंदोलन

गांव बचाओ आंदोलन : धरना एवं भूख हड़ताल

उत्तर प्रदेश का गाजीपुर जिला जहां एक तरफ गंगा एक्सप्रेस वे विरोधी आंदोलन का केन्द्र बना हुआ है वहीं गंगा की कटान से परेशान प्रभावित गांवों के निवासी अपनी जमीन तथा बस्तियों की रक्षा के लिए न केवल संघर्ष के माध्यम से सरकारी उदासीनता समाप्त कराने का प्रयास कर रहे है बल्कि कांग्रेस, भाजपा, सपा, बसपा, एकता पार्टी, कम्युनिस्ट पार्टियों के…
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सजा ली चिता, अब ज़मीन लेंगे या जान देंगे

कटनी के विजय राघवगढ़ एवं बरही तहसीलों के दो गांवों डोकरिया और बुजबुजा के किसानों की दो फसली खेतिहर ज़मीनें वेलस्पन…

भाखड़ा बांध विस्थापित आर-पार की जंग को तैयार

भाखड़ा बांध विस्थापितों की सभी कमेटीओं की बैठाकें 9 जून को मलराओं तथा 10 जून कोसरियां व वाला गाँव में संपन हुई. इन बैठकों में सभी भाखड़ा बांध विस्थापित सुधार समिति की 14 इकाईओं के प्रतिनिधिओं ने भाग लिया. बैठकों में भाखड़ा विस्थापितों की मांगों को मनाने के लिय आन्दोलन को तेज करने का आवहन किया गया. बैठकों में हिमालय नीति अभियान के संयोजक गुमान…
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झारखण्ड-छत्तीसगढ़ के संगठनों की पहल काम आया आपसी तालमेल: बंधुआ हुए मुक्त

उल्लेखनीय यह है कि बंधुआ मजदूरों को आपसी समन्वय से इन संगठनों ने मुक्त तो करा लिया परंतु भट्ठा मालिक के खिलाफ…

शोषण-अन्याय, प्राकृतिक संसाधनों की लूट एवं भ्रष्टाचार के खिलाफ : 30 जिलों में जन…

उड़ीसा राज्य के विभिन्न जनसंघर्षों ने सूचना अधिकार अभियान की पहल पर गांधी जयंती के दिन 2 अक्टूबर 2011 से 4 नवंबर…

बाक्साईट खनन के खिलाफ उड़ीसा के सबसे ऊँचे पहाड़ की चोटी पर आदिवासियों का जमावड़ा

कोरापुट, 21 मार्च 2011 को लगभग 15000 आदिवासियों तथा परंपरागत वन निवासी समुदाय के लोगों ने देवमाली रेंज में बाक्साइट खनन के खिलाफ अपनी एकता तथा ताकत का प्रदर्शन किया। यह सभी लोग कोरापुट जिले के अलग-अलग 4 ब्लॉक से देवमाली पहाड़ पर एकत्रित हुए थे, जो कि उड़ीसा की सबसे बड़ी चोटी है तथा जिसकी ऊंचाई 1673 मीटर है। यह बैठक देवमाली आंचलिक परिवेश सुरक्षा मंच…
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निरमा सीमेंट कम्पनी तथा भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन

गुजरात के भावनगर जिले में एक सीमेंट कारखाना लगाने के फैसले के विरोध में 12 गांवों के  5000 से अधिक किसानों की पदयात्रा 350 किमी. लम्बी दूरी तय करके 17 मार्च 2011 को गांधीनगर पहुंची। जल-जमीन एवं जंगल बचाओ पदयात्रा 3 मार्च 2011 को महुवा क्षेत्र के धोलिया गांव से शुरू की गयी थी। इस पदयात्रा में शामिल किसानों को एक बड़ी सफलता 12 मार्च 2011 को तब…
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